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दिल्ली में अचानक से बच्चों में बढ़े वायरल बुखार के मामले, रखें ये सावधानी

डॉक्टर कहते हैं कि बच्चे जब भी घर से निकलें, मास्क पहन कर घर से निकलें, घर में जब भी आए अपने हाथ साबुन से जरूर धोएं. बच्चों को इन दिनों ताजे फल खासकर विटामिन सी वाले फल जरूर खिलाएं. बच्चों को सिर्फ घर का ही खाना दें. बाहर के पैक्ड फूड या जंक फूड से बच्चों को बचाएं

सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई) सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एक हफ्ते में ओपीडी की संख्या 1700 तक पहुंची
  • पिछले साल के मुकाबले डेढ़ गुना ज्यादा केसः डॉ.अग्रवाल
  • बच्चे मास्क पहन कर घर से निकलें, हाथ साफ रखें: डॉ. ममता

दिल्ली में इन दिनों बढ़ रहा वायरल इंफेक्शन बच्चों को अपनी जकड़ में ले रहा है. बच्चों में बुखार, खांसी-जुखाम और शरीर में लाल चकते पड़ने के लक्षण दिखाई दे रहे हैं जिस कारण अस्पतालों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है.

दिल्ली के चाचा नेहरू अस्पताल में पिछले साल के मुकाबले इस साल बच्चों के केस में वृद्धि आई है. पिछले साल वायरस सीजन के अंदर जहां हर रोज 800 से 900 मरीजों की ओपीडी होती थी. वहीं इस साल खासकर पिछले एक हफ्ते में ओपीडी की संख्या करीब 1700 हो गई है. ये आंकड़े बता रहे हैं कि वायरल इंफेक्शन किस तरह बच्चों को अपनी जकड़ में ले रहा है.

यही आलम दिल्ली के अन्य अस्प्तालों में भी है. बीएलके मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर बीबी अग्रवाल की मानें तो पिछले दो हफ्तों में वायरल फीवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. अगर पिछले साल के मुकाबले माना जाए तो यह डेढ़ गुना है. रोजाना 20 से 50 बच्चों को वायरल फीवर के मामले उनकी ओपीडी में देखे जा रहे हैं. लेकिन डॉक्टर का यह भी कहना है कि इससे ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है. बच्चों में ज्यादातर मामले 10 साल से कम उम्र के बच्चों में देखे जा रहे हैं और इनमें कुछ मामले डेंगू के भी है और टाइफाइड के भी है.

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गंगाराम हॉस्पिटल के डॉक्टर इश आनंद की मानें तो वायरल फीवर के मामले सिर्फ बच्चों में ही नहीं बल्कि यंग ऐज के लोगों में भी देखे जा रहे हैं. 

क्या कहते हैं डॉक्टर्स

चाचा नेहरू हॉस्पिटल की डॉक्टर ममता जाजू ने बताया कि इस बार इस वायरल फीवर से मरीजों की अधिक संख्या में वृद्धि देखने को तो मिल रही है. लेकिन वह स्थिति नहीं है जिसमें बच्चों को अस्पताल में दाखिल किया जाए. डॉक्टर का कहना है कि बच्चों के माता-पिता को इन दिनों बच्चों का खास ध्यान देना है. बच्चों को किसी भी भीड़ वाले इलाके में ना जाने दें.

उन्होंने बताया कि बच्चे जब भी घर से निकलें, मास्क पहन कर घर से निकलें, घर में जब भी आए अपने हाथ साबुन से जरूर धोएं. बच्चों को इन दिनों ताजे फल खासकर विटामिन सी वाले फल जरूर खिलाएं. बच्चों को सिर्फ घर का ही खाना दें. बाहर के पैक्ड फूड या जंक फूड से बच्चों को बचाएं और खांसी-जुखाम बुखार जैसे लक्षण दिखते ही बच्चों को अस्पताल ले जाएं.

अस्पताल में बच्चों के माता-पिता की भीड़ काफी ज्यादा देखने को मिल रही है. चाचा नेहरू अस्पताल अपने बच्चे को लेकर आए एक मां का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से उनकी बच्ची को लगातार बुखार हो रहा है. जुखाम हो रहा है और अस्पताल में भीड़ के कारण उन्हें घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ रहा है. इनकी बच्ची की उम्र महज 8 महीने है, लेकिन वह भी इस बारे में इंफेक्शन की जद में है.

ऐसे ही शास्त्री पार्क से आए एक पिता का कहना है कि उनके बच्चे को पिछले 7 दिन से लगातार बुखार, जुखाम और खांसी हो रही है और वह लगातार अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं. डॉक्टर ने जो दवाई लिखी है उस दवाई से उनके बच्चे को राहत नहीं मिल रही है. अब डॉक्टर ने उन्हें अन्य जगह जांच कराने के लिए बोला है.

डॉक्टर अपील कर रहे हैं कि इन दिनों माता-पिता अपने बच्चों की खास देखभाल करें और बच्चों को कहीं भी आने-जाने ना दें और अगर उनको बाहर ले भी जा रहे हैं तो बच्चों को मास्क जरूर पहनाएं और और उनके खानपान पर पूरा ध्यान दें जिससे उनके बच्चे इस वायरल इंफेक्शन की चपेट में आने से बच सकें.
 

 

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