दिल्ली के सोनिया विहार और घोंडा नामक जगह पर प्रस्तावित लैंडफिल साइट के विरोध का मुद्दा जोर पकड़ता दिखाई दे रहा है. प्रस्तावित लैंडफिल साइट के विरोध में एमसीडी में शासन करने वाली बीजेपी हो चाहे दिल्ली में शासन करने वाली आम आदमी पार्टी या फिर विपक्ष में बैठी कांग्रेस तीनों ही पार्टियां मिलकर विरोध प्रदर्शन कर रही है.
विरोध प्रदर्शन से एक कदम आगे बढ़ते हुए दिल्ली के विधायक कपिल मिश्रा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल को अपने खून से खत लिखा है. इससे पहले दिल्ली में साइट को लेकर हो रही सियासत के बीच (आप) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) का रुख किया है. उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर और घोंडा इलाके में कुड़े के निस्तारण के लिए आवंटित जमीन के खिलाफ 'आप' पार्षद मनोज त्यागी, पार्षद कुलदीप कुमार, और घोंडा से विधायक श्रीदत्त शर्मा ने एक सामुहिक याचिका में दायर की है.
LG और CM को लिखे खत में कपिल मिश्रा ने कहा है कि किसी भी कीमत पर यमुना की ग्रीन बेल्ट पर लैंडफिल साइट को नहीं बनने दिया जाएगा. चाहे इसके लिए खून की एक-एक बूंद ही कुर्बानी क्यों ना करनी पड़ जाए.
खून से खत लिखने को नाटक करार दिए जाने के सवाल पर कपिल मिश्रा ने कहा कि यदि उनके इस नाटक से इलाके की 20 लाख जनता की जान की रक्षा होती है, तो यह नाटक अच्छा ही सही.ख़ून से लिखा पत्र
और
के नाम
No Landfill on Yamuna Riverbed
अगर कल NGT में दिल्ली सरकार, DDA तथा EDMC के वकीलों ने लैंडफिल का विरोध नहीं किया तो शनिवार 5 मई से होगा "आमरण अनशन"
सरकार सपोर्ट में - पार्टी विरोध में
नहीं चलेगा, नहीं चलेगा
— Kapil Mishra (@KapilMishra_IND)
कपिल मिश्रा ने कहा किसी भी कीमत पर यमुना की जमीन पर लैंडफिल साइट नहीं बनने दी जाएगी, चाहे इसके लिए खून की एक एक बूंद भी कुर्बान क्यों न करनी पड़े. उन्होंने कहा कि यदि कल NGT कोर्ट में सुनवाई से राहत नहीं मिलती है तो वह आने वाले शनिवार से आमरण अनशन करेंगे.