दिल्ली के आगामी एमसीडी चुनाव में वोटिंग ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से कराई जा सकती है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बैलेट पेपर से MCD चुनाव कराने को लेकर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है. पत्र में केजरीवाल ने मुख्य सचिव से कहा है कि वो दिल्ली चुनाव आयोग को बैलेट पेपर से चुनाव कराने के निर्देश दें और इस बार का MCD चुनाव ईवीएम से नहीं होना चाहिए. सीएम केजरीवाल ने कहा है कि 5 राज्यों के नतीजों के बाद कई राजनीतिक दलों ने ईवीएम में गड़बड़ी का मामला उठाया है. साथ ही उन्होंने कहा कि कई दलों ने उन्हें MCD चुनाव में बैलेट पेपर का इस्तेमाल कराने की मांग की है.
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह भी कह चुके हैं कि अगर उत्तर प्रदेश में नगर पालिका और नगर पंचायत के चुनाव बैलेट पेपर से करवाए जा सकते हैं तो दिल्ली में भी नगर निगम चुनाव बैलेट पेपर से करवाए जा सकते हैं. ईवीएम में गड़बडियों से आशंकित केजरीवाल की दिल्ली सरकार नगर चुनावों में ईवीएम का रिस्क नहीं लेना चाहती और बैलेट पेपर से चुनाव कराना चाहती है. इसी वजह से अरविंद केजरीवाल ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है.

बीजेपी का पलटवार
दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी ईवीएम मामले पर केजरीवाल सरकार पर पटलवार किया है. उन्होंने कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल को ईवीएम से होने वाली वोटिंग पर भरोसा नहीं हो तो अब दिल्ली विधानसभा की उन 67 सीटों पर भी पुनर्मतदान होना चाहिए जो उन्होंने चुनाव में जीतीं थीं
आम आदमी पार्टी से पहले यूपी चुनाव के नतीजों के बाद बीएसपी प्रमुख मायावती और अखिलेश यादव की ओर से ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे. साथ ही दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन ने भी अरविंद केजरीवाल से ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर के जरिए एमसीडी चुनाव कराने की अपील की थी.
कांग्रेस नेता अजय माकन भी एमसीडी चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराने की मांग कर चुके हैं. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कई लोग ईवीएम से होने वाले चुनाव पर सवाल उठा रहे हैं ऐसे में अरविंद केजरीवाल से ये अपील है कि वो निष्पक्ष और निर्विवाद .
आपको बता दें कि यूपी में करारी हार के बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी पर ईवीएम को 'मैनेज' करने का आरोप लगाया था. मायावती ने इसके लिए चुनाव आयोग को एक पत्र भी लिखा था जिसमें उन्होंने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ किए जाने की बात कही और बैलेट पेपर की जरिए चुनाव कराने की अपील की थी. हालांकि चुनाव आयोग ने मायावती के आरोपों को खारिज कर दिया है.Many are doubting EVMs-
— Ajay Maken (@ajaymaken)
Not prejudiced-nor casting aspersions on results;
I want to hold MCD elections through BallotPapers
मायावती के बाद सपा नेता अखिलेश यादव ने भी सपा-कांग्रेस गठबंधन की हार के बाद. अखिलेश ने कहा कि ये केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वो निष्पक्ष चुनाव कराएं.