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'पहले भी हुए वादे, केजरीवाल को बताना चाहिए कैसे करेंगे', मिनी पार्षद बनाने के वादे पर बोले RWA पदाधिकारी

दिल्ली के एमसीडी चुनाव में अरविंद केजरीवाल ने आरडब्ल्यूए को पावर देने का दांव चल दिया है. अरविंद केजरीवाल के इस वादे पर आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने कहा है कि उन्हें ये प्लान भी बताना चाहिए कि ऐसा किस तरह करेंगे. वहीं, बीजेपी ने इसे चुनावी शिगुफा बताया है.

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अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटोः पीटीआई)
अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटोः पीटीआई)

दिल्ली में एमसीडी चुनाव को लेकर सियासत गर्म है. एमसीडी चुनाव के लिए प्रचार के अंतिम चरण में आरडब्ल्यूए सियासत के केंद्र में आ गया. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एमसीडी चुनाव के लिए प्रचार के अंतिम चरण में ये वादा कर दिया कि आम आदमी पार्टी सत्ता में आई तो हम आरडब्ल्यूए को पावर देंगे.

आरडब्ल्यूए को पावर देने के दिल्ली के मुख्यमंत्री के ऐलान को कोई लालीपॉप बता रहा है तो कोई महज वादा. वसंत कुंज रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर ए पॉकेट बी और सी के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इससे पहले भी आरडब्ल्यूए को ताकत देने की बातें की गई थीं. उन्होंने कहा कि इस बात को 12 साल बीत गए, बावजूद इसके कुछ नहीं हुआ.

अमित अग्रवाल ने केजरीवाल के वादे को चुनावी शिगुफा बताया और कहा कि उम्मीद करेंगे कि जल्द ही इस पर कुछ ठोस भी होगा. पूर्वी दिल्ली रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन जॉइंट फ्रंट के अध्यक्ष बीएस वोहरा ने कहा कि एक और लालीपॉप देने की बजाय अगर आरडब्ल्यूए को एल्डरमैन यानी पार्षद मनोनीत कर लेते तो और अच्छा होता. उन्होंने कहा कि इससे इलाके की समस्याएं सीधे उठाई जातीं. बीएस वोहरा ने कहा कि मिनी पार्षद बनाने का स्वागत करते हैं लेकिन इसका कॉन्सेप्ट, गाइडलाइन और क्राइटेरिया क्या होगा, अरविंद केजरीवाल को ये भी बताना चाहिए था.

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आरडब्ल्यूए को फंड दिए जाने का विरोध

बीएस वोहरा ने आरडब्ल्यूए को फंड देने का विरोध किया. उन्होंने कहा कि फंड देने के ऐलान के बाद कई फर्जी आरडब्ल्यूए बन जाएंगे. ऐसे में फंडिंग सीधे एसडीएम के पास जानी चाहिए. जैसा कि शीला दीक्षित के जमाने में किया गया था. करोलबाग आरडब्ल्यूए की सविता सिंह का कहना है कि पहले भी घोषणा हुई लेकिन हुआ कुछ नहीं. उन्होंने कहा कि बिना आरडब्ल्यूए को विश्वास में लिए न तो निगम सफल होगा और न ही निगम में बैठी कोई राजनीतिक पार्टी.

बीजेपी ने बताया चुनावी ऐलान

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की दिल्ली नगर निगम चुनाव समिति के संयोजक आशीष सूद ने कहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नगर निगम की कार्यप्रणाली से आरडब्ल्यूए को जोड़ने का जो वादा किया है, वह महज चुनावी घोषणा है. उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल के उनके शासन का अनुभव बताता है कि वे आरडब्ल्यूए या मोहल्ला सभा का सम्मान नहीं करते.

आशीष सूद ने कहा कि बीजेपी के संकल्प पत्र में आरडब्ल्यूए को निगम की कार्य प्रणाली में भागीदारी देने का संकल्प है जिसका आरडब्ल्यूए की ओर से स्वागत किया गया था. उन्होंने कहा कि इससे बौखलाए अरविंद केजरीवाल को आज फिर आरडब्ल्यूए और मोहल्ला सभा की याद आई है. आशीष सूद ने कहा कि यह कुछ इसी तरह की ही बात है जिस तरह कांग्रेस राहुल गांधी को बार-बार री-पैकेज कर जनता के बीच रखने की कोशिश करती है.

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केजरीवाल ने भागीदारी संवाद किया था बंद 

उन्होंने कहा कि आठ साल पहले सत्ता में आते ही अरविंद केजरीवाल ने सबसे पहले अपनी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय आरडब्ल्यूए के साथ होने वाले भागीदारी संवाद को बंद किया था. आशीष सूद ने कहा कि साल 2010-11 में अरविंद केजरीवाल मोहल्ला सभा से पूछकर निर्णय लेने की बात करते थे और इसका जिक्र अपनी पुस्तक स्वराज में भी किया था. उन्होंने केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले आठ साल में मोहल्ला सभाओं को किसी अन्य विषय में तो छोड़िए, शराब के ठेके खोलने की प्रक्रिया तक में कोई भूमिका नहीं दी.

बीजेपी नेता आशीष सूद ने कहा कि विधायकों की ही तरह आम आदमी पार्टी के जो निगम पार्षद 2017 में जीते थे, उन्होंने भी अपने क्षेत्र में कभी आरडब्ल्यूए या मोहल्ला सभा के साथ बात करना जरुरी नहीं समझा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आरडब्ल्यूए को मिनी पार्षद बनाने की घोषणा एक चुनावी घोषणा है. पिछले आठ साल के कटु अनुभव के बाद आरडब्ल्यूए इस छलावे में नहीं आएंगे.

 

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