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एमसीडी वार्ड के डीलिमिटेशन ने बढ़ाई पार्टियों की चिंता

तीनों एमसीडी के लिए अब लगभग सभी वार्ड की चौहद्दी बदलने वाली है, यानी जिस इलाके के लिए पांच साल पहले चुनाव हुए थे, उनमें से कई बदल जाएंगे. कांग्रेस से लेकर बीजेपी दिल्ली के राज्य चुनाव आयोग के उस प्रस्तावित डीलिमिटेशन के खाके पर आपत्ति दर्ज करा चुकीं हैं जिन्हें चुनाव आयोग ने उनके पास भेजा था.

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एमसीडी
एमसीडी

दिल्ली में अगले साल एमसीडी चुनाव होने हैं, लेकिन उससे पहले अभी परिसीमन का खेल बाकी है. 272 वार्ड के परिसीमन ने लगभग सभी पार्टियों की नींद उड़ा रखी है.

तीनों के लिए अब लगभग सभी वार्ड की चौहद्दी बदलने वाली है, यानी जिस इलाके के लिए पांच साल पहले चुनाव हुए थे, उनमें से कई बदल जाएंगे. कांग्रेस से लेकर बीजेपी दिल्ली के राज्य चुनाव आयोग के उस प्रस्तावित डीलिमिटेशन के खाके पर आपत्ति दर्ज करा चुकीं हैं जिन्हें चुनाव आयोग ने उनके पास भेजा था. आपत्ति वार्ड के नाम से लेकर उनकी बाउंड्री कहां और कैसी हो सबको लेकर है.


दिल्ली में होने वाले आगामी निगम के चुनावों के परिसीमन को लेकर आज पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद महेश गिरि राज्य चुनाव आयोग के ऑफिस पहुंचे. आगामी निगम चुनाव के परिसीमन में हो रही अनियमितताओं को लेकर दिल्ली राज्य चुनाव आयोग के आयुक्त राकेश मेहता से अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं. सांसद महेश गिरि का आरोप है कि निगम के चुनावों को लेकर हो रहे परिसीमन में विधानसभा की रेखा पार की जा रही है. पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद महेश गिरि ने साफ तौर पर कहा कि परिसीमन में एक विधानसभा से दूसरी विधानसभा को क्रॉस किया जा रहा है, इसको लेकर हम राज्य चुनाव आयोग के साथ अपनी आपत्ति जता रहे हैं.

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इसके साथ साथ एक वार्ड में कितनी जनसंख्या हो, इसमें भी असमानताएं होने का आरोप राज्य चुनाव आयोग पर लग रहा है. पार्टियों का आरोप है कि किसी वार्ड में तीस हजार की आबादी है तो किसी वार्ड में 80 हजार तक पहुंच रही है. महेश गिरि ने कहा कि हमारी राज्य चुनाव आयोग से आधे घंटे बात हुई है और हमें कहा गया है कि इन बातों का ध्यान रखा जाएगा और हमें इसका पूरा आश्वासन दिया गया है कि विधानसभा की सीमाओं का उल्लंघन भी नहीं होगा और इसीलिए हमने मांग की है कि परिसीमन दुबारा किया जाए.

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