भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दिल्ली की तपती गर्मी पर मंच से मजकिया तंज कसा. शनिवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इसके बाद जब रुबियो दिल्ली में नए यूएस कॉन्सुलेट ऑफिस (दूतावास दफ्तर) का उद्घाटन करने मंच पर आए, तो उन्होंने यहां की गर्मी को लेकर चुटकी ली. उनके इस मजेदार बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.
मंच पर आते ही मार्को रुबियो ने हंसते हुए कहा, 'आज यहां आना मेरे लिए वाकई सम्मान की बात है. मैं अपनी बात छोटी रखना चाहता हूं, क्योंकि यहां बहुत ज्यादा गर्मी है. सच में बहुत गर्मी है.' उन्होंने आगे अपने शहर का जिक्र करते हुए कहा, 'हालांकि, यहां मियामी जैसी उमस नहीं है. मैं मियामी से हूं, इसलिए मुझे पता है कि उमस वाली गर्मी और तपती गर्मी में क्या फर्क होता है. वैसे अभी समय क्या हुआ है? अब तक तो मौसम थोड़ा ठंडा हो जाना चाहिए था.'
इस दौरान, रुबियो ने मुस्कुराते हुए कहा कि वे लोगों को यहां ज्यादा देर तक नहीं रोकना चाहते. हल्के-फुल्के मजाक के बाद उन्होंने नए दफ्तर को लेकर भी अहम बात कही. रुबियो के मुताबिक, इस फैसिलिटी से अमेरिकियों का पैसा बचा है, जिससे काम पहले से काफी बेहतर और असरदार होगा. उन्होंने बताया कि यह दफ्तर सिर्फ वीजा से जुड़े कामों के लिए नहीं है, बल्कि यहां तैनात अमेरिकी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी उतना ही अहम है. ये लोग दिन-रात अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए देश की सुरक्षा का जिम्मा संभालते हैं.
वीजा नियमों और व्यापार पर कही ये बड़ी बातें
नए कॉन्सुलेट दफ्तर का उद्घाटन करते हुए मार्को रुबियो ने भारत-अमेरिका के मजबूत रिश्तों पर बात की. उन्होंने कहा, 'पिछले सिर्फ एक साल में दोनों देशों की दोस्ती बहुत गहरी हुई है. कई बार ये चीजें सुर्खियों में नहीं आतीं, लेकिन ये बदलाव असली और लंबे समय तक टिकने वाले हैं. भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 20 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है. इसके साथ ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हमारी सेनाओं ने मिलकर जो युद्ध अभ्यास किए हैं, उससे हमारे सुरक्षा रिश्ते मजबूत हुए हैं.'
इसी गहरे रिश्ते को देखते हुए रुबियो ने वीजा नियमों को लेकर एक बड़ा एलान किया. उन्होंने बताया कि अब एक नया 'अमेरिका फर्स्ट वीजा शेड्यूलिंग टूल' लाया जा रहा है. यह नया सिस्टम उन बिजनेस प्रोफेशनल्स (कारोबारियों और नौकरीपेशा लोगों) को वीजा देने में प्राथमिकता देगा, जो दोनों देशों के इन रिश्तों को और मजबूत बना रहे हैं. उनके मुताबिक, एक सुरक्षित और सही वीजा सिस्टम इस दोस्ती को आगे बढ़ाने के लिए बहुत जरूरी है.
विदेश मंत्री बनने के बाद यह मार्को रुबियो का पहला भारत दौरा है. दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी करीब एक घंटे तक बैठक हुई, जिसमें सुरक्षा, व्यापार और नई तकनीक जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद यह पहली उच्चस्तरीय बैठक थी, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री भारत दौरे पर आए हैं. दिल्ली की इस अहम बैठक के बाद मार्को रुबियो भारत के तीन प्रमुख शहरों का दौरा भी करेंगे. वे कोलकाता, जयपुर और आगरा जाएंगे.