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कोयले की किल्लत पर बोले मनीष सिसोदिया- BJP से नहीं चल पा रहा देश, ऑक्सीजन संकट भी नहीं मान रहा था केंद्र

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि इसी तरह जब देश में कुछ महीने पहले ऑक्सीजन संकट हुआ था तो केंद्र सरकार मान नहीं रही थी, तब कई राज्यों ने भी गुहार लगाई थी, लेकिन केंद्र सुनने को राजी नहीं था. सिसोदिया ने कहा कि तब मोदी सरकार आंख बंद कर बैठी रही और अब फिर बेशर्मी से कह रही है कि कोयले की कोई दिक्कत नहीं है.  

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दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (फोटो- ट्विटर) दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (फोटो- ट्विटर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'बीजेपी से देश नहीं चल रहा है'
  • 'जिम्मेदारी से भाग रही है बीजेपी'
  • कांग्रेस और AAP का केंद्र पर वार

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने राजधानी के पावर प्लांट में में कोयले की किल्लत पर अलार्म बेल बजा दिया है. कोयले की किल्लत पर मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि दिल्ली में अगर 24 घंटे का स्टॉक बचा तो हमें भी पावर कट प्लान करना पड़ेगा. मनीष सिसोदिया ने कहा कि कई पावर प्लांट में कोयले की किल्लत है और प्लांट बंद भी हुए हैं. 

वहीं कोयले की समस्या पर सियासत भी शुरू हो गई है. दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा है कि कोयले की किल्लत की आशंकाओं पर केंद्र सरकार पर करारा हमला किया है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी से देश नहीं चल रहा है और वे इस संकट से भागने के बहाने ढूंढ रहे हैं. 

मनीष सिसोदिया ने कहा कि उन्होंने ऊर्जा मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस सुनी है. जिसमें उन्होंने कहा है कि कोयले की दिक्कत नहीं है. सिसोदिया ने कहा कि ऊर्जा मंत्री दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पत्र लिखने पर आपत्ति जता रहे थे, लेकिन ये केंद्रीय मंत्री का गैर जिम्मेदराना बयान है. 

दिल्ली के डिप्टी सीएम ने कहा कि इसी तरह जब देश में कुछ महीने पहले ऑक्सीजन संकट हुआ था तो केंद्र सरकार मान नहीं रही थी, तब कई राज्यों ने भी गुहार लगाई थी, लेकिन केंद्र सुनने को राजी नहीं था. सिसोदिया ने कहा कि तब मोदी सरकार आंख बंद कर बैठी रही और अब फिर बेशर्मी से कह रही है कि कोयले की कोई दिक्कत नहीं है.  

सिसोदिया ने कहा कि BJP से केंद्र सरकार चल नहीं रही है, इनसे देश नही चल रहा है और ये जिम्मेदारी से भागने वाले काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज कोयले की किल्लत कल पावर क्राइसिस बन सकती है. केंद्र द्वारा आंखें बंद करने की नीति घातक साबित हुई है. कोयले की किल्लत दरअसल बिजली की किल्लत है, ये देश को गड्ढे में डालने जैसा है. 

कई राज्यों द्वारा कोयले की किल्लत को लेकर जताई गई चिंता पर उन सिसोदिया ने कहा कि पंजाब, उत्तरप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली की सरकार केंद्र से गुहार लगा रही है लेकिन केंद्र सरकार कोयले की किल्लत को हल नहीं करना चाहती है और राज्यों को झूठा साबित करने में केंद्र जुट गई है. 

कांग्रेस ने भी किया हमला

कोयले की किल्लत की आशंकाओं के बीच कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी केंद्र सरकार पर हमला किया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि 'कोयला ख़त्म! कोयले की दलाली में हाथ काला करने वाले अंधेरी रात का इंतज़ाम कर रहे हैं. पानी, पेट्रोल, डीज़ल की तरह बिजली ख़रीदना पड़ेगा. जितने घंटे बिजली चाहिए पैसा दो, बिजली लो. साहेब ने दोस्तों के लिए ये भी मुमकिन कर दिखाया.'

 

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