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दिल्ली: चेन स्नैचिंग गिरोह का भंडाफोड़, टूटी नंबर प्लेट से बदमाशों तक पहुंची पुलिस

दिल्ली के लाजपत नगर में चेन स्नैचिंग की तीन घटनाओं का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो स्नैचर और एक ज्वैलर को गिरफ्तार किया है. सीसीटीवी फुटेज में दिखी टूटी नंबर प्लेट से पुलिस को अहम सुराग मिला. आरोपी छीनी गई चेन ज्वैलर को बेचते थे. पुलिस अब इनके अन्य मामलों में शामिल होने की भी जांच कर रही है.

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पुलिस के हत्थे चढ़े बदमाश (Photo: Representational )
पुलिस के हत्थे चढ़े बदमाश (Photo: Representational )

दिल्ली के पॉश इलाके लाजपत नगर में लगातार हो रही चेन स्नैचिंग की वारदातों का आखिरकार पुलिस ने खुलासा कर दिया है. दिसंबर और जनवरी में हुई तीन घटनाओं के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. खास बात यह है कि एक सीसीटीवी क्लिप में दिखी टूटी नंबर प्लेट वाली बाइक ने पूरे गिरोह तक पुलिस को पहुंचा दिया है.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि पहली घटना 16 दिसंबर 2025 को सामने आई थी, जब लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास एक महिला से सोने की चेन छीन ली गई थी. पीड़िता सोनाली शर्मा ने पुलिस को बताया कि वीर सावरकर मार्ग पर एक दुकान के सामने बाइक सवार दो युवकों ने उनकी सोने की चेन झपट ली और मौके से फरार हो गए. इस मामले में लाजपत नगर थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई.

चेन स्नैचिंग गिरोह का भंडाफोड़

इसके बाद 16 जनवरी 2026 को इसी थाना क्षेत्र में दो और चेन स्नैचिंग की घटनाएं सामने आईं. इन दोनों मामलों में भी पीड़ितों ने बताया कि बाइक सवार आरोपी आए और चेन छीनकर भाग निकले. तीनों मामलों का तरीका एक जैसा होने पर पुलिस को शक हुआ कि एक ही गिरोह इन घटनाओं को अंजाम दे रहा है.

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जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली. एक वीडियो में आरोपियों की बाइक की नंबर प्लेट आंशिक रूप से टूटी हुई दिखाई दी, जिससे पुलिस को अहम सुराग मिला. तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूत्रों की मदद से पुलिस ने गाजियाबाद निवासी हेमेश (25) और विनय कुमार (24) को गिरफ्तार किया.

टूटी नंबर प्लेट बनी सुराग

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि वो छीनी गई सोने की चेन एक ज्वैलर घनश्याम (46) को बेच देते थे. इसके आधार पर पुलिस ने घनश्याम को भी गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस का कहना है कि आरोपी हेमेश पहले उत्तर प्रदेश में एक हत्या के मामले में जेल जा चुका है, जबकि विनय और घनश्याम के खिलाफ फिलहाल कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर के अन्य इलाकों में भी वारदातों में शामिल रहा है.

 

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