दिल्ली में शकुंतला गैमलिन को कार्यवाहक मुख्य सचिव नियुक्त किए जाने को लेकर बढ़ता जा रहा है. अब सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस मसले पर सोशल मीडिया के जरिए दिल्लीवासियों की राय मांगी है.
केजरीवाल ने पर बिजली कंपनियों से नजदीकी होने का आरोप लगाते हुए पूछा यदि कोई अधिकारी उद्योग घरानों का नजदीकी है, तो क्या उसे दिल्ली में शीर्ष नौकरशाह पद देना चाहिए. उन्होंने ट्वीट करके यह भी पूछा कि शहर के नागरिकों द्वारा चुने गए किसी मुख्यमंत्री को अधिकारी चुनने का अधिकार होना चाहिए या नहीं.
My Q 2 Delhites - Shud a person perceived to be very close to bijli cos be made CS of Del? Shud elected CM have no say in selection?(1/2)
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
All over country, huge nexus betn politicians, officers n cos.In Del, v r trying to break that nexus.That's why whole system opposing(2/2)
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
वहीं, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी दिल्ली के मुख्यमंत्री का समर्थन किया. उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि पसंद करिये या नहीं, सही पसंद हो या गलत, एक मुख्यमंत्री अपने अधिकारियों की टीम चुनने को मुक्त होना चाहिए. पीछे से सरकार चलाना लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाता है.
Like it or not, right choice or wrong a CM must be free to choose his or her own team of officers. This back seat driving damages democracy.
— Omar Abdullah (@abdullah_omar)
इस बीच AAP ने उपराज्पाल पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह संविधान और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार (GNCT) कानून के प्रावधानों के तहत काम नहीं कर रहे हैं.
AAP ने आरोप लगाया कि नजीब जंग एक निर्वाचित सरकार के प्राधिकार को कमजोर कर रहे हैं. AAP ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी दिल्ली को पीछे के दरवाजे से चलाने का प्रयास कर रही है.
संविधान के प्रावधानों के तहत काम किया: नजीब जंग
कार्यवाहक मुख्य सचिव के रूप में शकुंतला गैमलिन की नियुक्ति को लेकर सीएम केजरीवाल की ओर से निशाना साधे जाने के बाद उपराज्यपाल नजीब जंग ने कहा कि उन्होंने भारत के संविधान के तहत अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के मुताबिक काम किया है.
उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘उपराज्यपाल ने भारत के संविधान के तहत अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के मुताबिक काम किया है. आज की तारीख तक उपराज्यपाल की ओर से ऐसा कोई एक भी कदम नहीं उठाया गया, जो संविधान के प्रावधानों के विपरीत हो.’
उपराज्यपाल ने सेवा विभाग के प्रधान सचिव अरिंदो मजूमदार के तबादले के केजरीवाल के फैसले को भी पलट दिया. मजूमदार ने ही नजीब जंग के निर्देश पर कार्यवाहक मुख्य सचिव की नियुक्त का आदेश जारी किया था.