दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री था, तब मुझ पर दिल्ली की बिजली कंपनियों को अडानी को सौंपने का दबाव बनाया गया था, जब मैंने इनकार कर दिया, तो मैं सोच रहा था कि शायद इसी वजह से मुझे जेल भेजा गया. भाजपा को मेरी चुनौती है कि वे घोषणा करें कि अगर वे सत्ता में आते हैं, तो वे बिजली कंपनियों को अडानी को नहीं सौंपेंगे. उन्होंने (भाजपा) दिल्ली में बड़े पैमाने पर वोट काटने की साजिश शुरू की है, मेरे पास सबूत और गवाह हैं. 2 दिन रुको, मैं तुम्हारी पोल खोलूंगा. मैं देश को बताऊंगा कि आपने महाराष्ट्र और हरियाणा में कैसे चुनाव जीते, आपने ईमानदारी से चुनाव नहीं जीते.
केजरीवाल ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए कहा कि दिल्ली का लॉ एंड ऑर्डर भाजपा के लिए कोई मुद्दा नहीं है. आम आदमी की सुरक्षा उनके लिए मायने नहीं रखती है.क्या आम आदमी की जान वीआईपी की जान से कम कीमती है? मैं भाजपा से कह रहा हूं कि आप जितने चाहें आम आदमी पार्टी के विधायकों को गिरफ्तार कर सकते हैं, मुझ पर हमला करवा सकते हैं, लेकिन मैं आम आदमी की सुरक्षा का मुद्दा उठाता रहूंगा.
अरविंद केजरीवाल ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की निंदा की और एक "बहुत बड़ी" त्रासदी को टालने के लिए पंजाब पुलिस की सराहना की.
दिल्ली विधानसभा में बोलते हुए केजरीवाल ने भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा कि "बहुत बड़ी शक्तियां" पंजाब और राज्य के लोगों को बदनाम करने की साजिश कर रही हैं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस ने न केवल त्रासदी को टाला, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने का एक उदाहरण भी पेश किया. उन्होंने कहा कि बादल पर हमले का मुद्दा भाजपा ने उठाया, लेकिन बीजेपी "दिल्ली में हत्या, बलात्कार, गोलीबारी" पर चुप रही, जहां पुलिस केंद्र सरकार के अधीन आती है.