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जेएनयू के प्रशासनिक भवन पर छात्रों का कब्जा जारी, वीसी बोले- यह अपराध है

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर चौथे दिन भी छात्रों का कब्जा रहा. प्रशासन ने छात्रों से प्रशासनिक भवन से हटने की अपील करते हुए वीसी से मुलाकात के लिए सही तरीका अपनाने को कहा.

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जेएनयू कैंपस जेएनयू कैंपस

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर चौथे दिन भी छात्रों का कब्जा रहा. प्रशासन ने छात्रों से प्रशासनिक भवन से हटने की अपील करते हुए वीसी से मुलाकात के लिए सही तरीका अपनाने को कहा. लेकिन यूजीसी के गजट नोटिफिकेशन का विरोध कर रहे छात्रों ने जेएनयू प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि जब तक वीसी फ्रीडम स्क्वायर पर आकर विरोध कर रहे छात्रों से मिलकर लिखित आश्वासन नहीं देंगे, प्रशासनिक भवन पर कब्जा जारी रहेगा.

आपको बता दें कि जेएनयू प्रशासन ने छात्रों को एडमिन ब्लॉक पर विरोध न करने की अपील की थी. इस बाबत उसने नोटिस बोर्ड पर एक अपील भी चस्पा करवाई थी. लेकिन बोर्ड पर जेएनयू के छात्रों ने अपना ही पोस्टर चिपका दिया.

छात्रों का पोस्टर कहता है कि जेएनयू को बचाने के लिए छात्र विरोध और विद्रोह का कोई भी तरीका अपनाने के लिए तैयार हैं. ये चेतावनी है जेएनयू के उन छात्रों की जो पिछले चार दिनों से जेएनयू एडमिन ब्लॉक के हर गेट पर तैनात हैं और यूजीसी गजट नोटिफिकेशन के लागू होने पर अपनी नाराजगी जता रहे हैं.

कम हो जाएंगी सीटें
दरअसल छात्रों का आरोप है कि जेएनयू की एकेडेमिक काउंसिल की बैठक में इस नोटिफिकेशन को गलत तरीके से पास कर दिया गया. छात्रों के मुताबिक अगर यूजीसी नोटिफिकेशन 2016 के मुताबिक नए सेशन के दाखिले होते हैं तो पीएचडी और एमफिल में दाखिले की सीटें कम हो जाएंगी.

जेएनयू बाध्य है
जेएनयू प्रशासन ने छात्रों के इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि AC मीटिंग में पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया. छात्रों की शिकायत के मद्देनजर जरुरी बदलाव भी शामिल किए गए. महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में यूजीसी को भी अवगत कराया गया. यूजीसी का लिखित आदेश है कि सभी विश्वविद्यालयों को नए गजट नोटिफिकेशन को अपनाते हुए नए सेशन के लिए दाखिले करने हैं. लिहाजा जेएनयू विश्वविद्यालय इसे मानने को बाध्य है.

प्रशासनिक कामकाज ठप्प
वीसी के ओएसडी के मुताबिक प्रशासनिक भवन से छात्रों को हटाने की लगातार कोशिश जारी है. जेएनयू के रजिस्ट्रार और रेक्टर भी छात्रों के बीच जाकर उन्हें सही तरीका अख्तियार करने की सलाह दे रहे हैं. लेकिन, छात्र एडमिन ब्लॉक पर ही डटे हुए हैं. हालात ये हैं कि जेएनयू का प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह ठप्प है. इसके अलावा एडमिन ब्लॉक के करीब 300 कर्मचारी और अधिकारी अपने कार्यावधि में कन्वेंशन सेंटर में बैठने को मजबूर हैं.

सरकारी काम रोकना अपराध है: एम जगदीश कुमार, वाइस चांसलर, जेएनयू
एक तरफ छात्र जेएनयू के एडमिन ब्लॉक से हटने को तैयार नहीं हैं. जेएनयू वीसी ने साफ कहा कि सरकारी भवन को कब्जे में लेना या सरकारी कर्मचारी को काम करने से रोकना भी एक अपराध है. ऐसे में छात्र एडमिन ब्लॉक खाली कर दें. अगर छात्र एडमिन ब्लॉक पर यूं ही डटे रहे तो कानूनी तरीका अपनाया जाएगा.

अब देखना होगा कि छात्र बनाम जेएनयू प्रशासन की लड़ाई में जीत किसकी होती है.

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