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ABVP का आरोप- JNU कैंपस में देश की बात करने वालों पर कसी जा रही हैं फब्ति‍यां

एबीवीपी ने शनिवार को कहा, 'देश की बात करने वाले छात्रों को इन दिनों कैंपस में लेफ्ट विचारधारा वाले छात्र टारगेट कर रहे हैं. वे लोग फ्रीडम ऑफ स्पीच की बात करते हैं, लेकिन हम पर फब्ति‍यां कसी जा रही हैं. हमारे छात्र डरे हुए हैं.'

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जेएनयू का एडमिन ब्लॉक
जेएनयू का एडमिन ब्लॉक

जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की जमानत पर रिहाई के बाद जहां यूनिवर्सिटी कैंपस का वाम धड़ा इन दिनों खुशि‍यां मना रहा है, वहीं एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने शनिवार को कई गंभीर आरोप लगाए हैं. जेएनयू के माहसचिव सौरभ शर्मा ने गुरुवार को कहा कि कैंपस में एबीपीपी से जुड़े छात्रों को न सिर्फ परेशान किया जा रहा है, बल्कि‍ उन पर फब्ति‍यां कसी जा रही हैं और हॉस्टल से सामान बाहर फेंका जा रहा है.

प्रेस कॉन्फ्रेंस का अयोजन कर सौरभ शर्मा और एबीवीपी के मीडिया-इन-चार्ज साकेत बहुगुणा ने कहा, 'देश की बात करने वाले छात्रों को इन दिनों कैंपस में लेफ्ट विचारधारा वाले छात्र टारगेट कर रहे हैं. वे लोग फ्रीडम ऑफ स्पीच की बात करते हैं, लेकिन हम पर फब्ति‍यां कसी जा रही हैं. हमारे छात्र डरे हुए हैं.'

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उन्होंने आगे कहा, 'कोयना हॉस्टल से छात्रों का सामान फेंकवाया गया. स्कूल ऑफ साइंसेज में हमको हमेशा टारगेट किया जाता है. ये लोग लोकतंत्र की बात करते हैं, जबकि जेएनयू में 40 फीसदी छात्र वोट नहीं डालते हैं. इन्होंने यहां कौन सा लोकतंत्र तैयार किया है.'

मिल रही है धमकी, करेंगे थाने का घेराव
एबीवीपी की ओर से कहा कि गया कि कैंपस में वाम विचारधारा वाले छात्र और प्रोफेसर अलग मत रखने वाले छात्रों को धकमी दे रहे हैं, जिससे छात्र डरे हुए हैं. बीजेपी की छात्र ईकाई का कहना है कि देश विरोधी नारेबाजी करने वाले छात्रों को अब तक पकड़ा नहीं गया है, लिहाजा वे 7-9 मार्च को वसंत कुंज पुलिस थाने का घेराव करेंगे.

'9 फरवरी की घटना को दबाया जा रहा है'
एबीवीपी ने आरोप लगाया है कि 9 फरवरी को कैंपस में जो कुछ हुआ, उस बात को कहीं न कहीं दबाया जा रहा है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा गया, '9 फरवरी की घटना पर कोई बात नहीं कर रहा. जेएनयू प्रशासन से रिकॉर्डिंग करवाई गई थी, लेकिन वो पुलिस को नहीं दी जा रही है. दिल्ली की सरकार ने भी अपनी लैब में वीडियो की जांच नहीं करवाई? निवेदिता मोहन ने खुलेआम कहा कि कश्मीर पर भारत का कब्जा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.'

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वामदलों पर निशाना साधते हुए छात्र ईकाई ने कहा, 'ये लोग दलितों की बात करते हैं. सीपीआई पोलित ब्यूरो में कितने दलित हैं? वहां कितने अल्पसंख्यक हैं? सिंगूर, नंदीग्राम में किसान आत्महत्या क्यों कर रहे हैं?' हालांकि, एबीवीपी ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि जेएनयू में आज छात्रों के हाथ में तिरंगा है.

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