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जेएनयू ने हटाई कन्हैया कुमार की निजी सुरक्षा

जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को कैंपस के अंदर दी गई निजी सुरक्षा वापस ले ली गई है. देशद्रोह के आरोप में सशर्त जमानत पर रिहा कन्हैया को यूनिवर्सिटी ने एक नोटिस भेजकर निजी सुरक्षाकर्मियों पर बकाया 5 लाख रुपये भी जमा करने को कहा है.

नोटिस देकर कन्हैया से गार्ड का बकाया मांगा नोटिस देकर कन्हैया से गार्ड का बकाया मांगा

जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को कैंपस के अंदर दी गई निजी सुरक्षा वापस ले ली गई है. देशद्रोह के आरोप में सशर्त जमानत पर रिहा कन्हैया कुमार को यूनिवर्सिटी ने एक नोटिस भेजकर निजी सुरक्षाकर्मियों पर बकाया 5 लाख रुपये भी जमा करने को कहा है.

कन्हैया पर सिक्योरिटी एजेंसी का 5 लाख बकाया
यूनिवर्सिटी प्रशासन के एक अधिकारी के मुताबिक कन्हैया कुमार की कैंपस के अंदर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ग्रुप 4 के चार सुरक्षाकर्मियों को ड्यूटी पर तैनात किया था. इन निजी सुरक्षा कर्मियों के वेतन का 5 लाख रुपये बकाया है. इसे जमा करने के बाद कन्हैया कुमार को वापस सुरक्षा मुहैया करा दी जाएगी.

देशद्रोह के आरोपी कन्हैया पर हुआ था हमला
दरअसल देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर पटियाला कोर्ट में पेशी के दौरान हमला हुआ था. न्यायिक हिरासत में रहने के बावजूद लगातार कन्हैया कुमार को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं. लिहाजा दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद कोर्ट के आदेश पर उन्हें पुलिस सुरक्षा दी गई थी.

पुलिस सुरक्षा नहीं चाहते थे कन्हैया
कन्हैया कुमार 24 घंटे पुलिस की निगरानी में नहीं रहना चाहते थे. लिहाजा उन्होंने कुलपति को पत्र लिखकर कहा कि दिल्ली पुलिस की तैनाती से उनकी गोपनीयता को खतरा है. ऐसे में वो कैंपस के भीतर दिल्ली पुलिस की तैनाती नहीं चाहते.

कन्हैया को मिले थे चार सिक्योरिटी गार्ड
6 महीने की अंतरिम जमानत पर रिहा हुए कन्हैया कुमार को कैंपस के अंदर जान से मारने की लगातार मिलती धमकियों को ध्यान में रखकर यूनिवर्सिटी ने ग्रुप 4 के चार सिक्योरिटी गार्ड को कन्हैया की सुरक्षा में तैनात कर दिया था. ये हॉस्टल के अलावा भी कन्हैया कुमार के साथ बने रहते थे.

JNUSU के ज्वाइंट सेक्रेटरी सौरभ शर्मा ने भी मांगी सुरक्षा
हाल ही में जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा को भी सोशल मीडिया में धमकियां मिली. लिहाजा उन्होंने भी कुलपति को चिट्ठी लिखकर निजी सुरक्षा की मांग की थी. सौरभ शर्मा के मुताबिक, जब यूनिवर्सिटी कन्हैया कुमार को निजी सुरक्षा मुहैया करा सकती है, तो जान का खतरा होने पर मुझे क्यों नहीं? माना जा रहा है कि सौरभ शर्मा की चिट्ठी के बाद कन्हैया कुमार को दी गई निजी सुरक्षा हटा ली गई. जेएनयू प्रशासन के मुताबिक कैंपस के सभी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना यूनिवर्सिटी की जिम्मेदारी है.

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