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अनिल विज ने AAP सरकार से पूछा- न दिवाली, न पराली, फिर भी दिल्ली क्यों काली?

Haryana health minister Anil Vij hit on air pollution राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण और फॉग का दोष दिल्ली सरकार, पंजाब और हरियाणा के किसानों पर मढ़ती रही है. इस मुद्दे को लेकर तीनों सरकारों और राजनीतिक दलों के बीच रस्साकशी भी देखी जाती रही है. अभी दिल्ली में प्रदूषण का हाल यह है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि अगर जरूरी न हो तो घर से न निकलें.

अनिल विज (फाइल फोटो) अनिल विज (फाइल फोटो)

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने दिल्ली-एनसीआर में जारी गंभीर प्रदूषण को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि न इस समय दिवाली है और न ही कहीं पराली जलाई जा रही है, फिर भी प्रदूषण से दिल्ली काली हुई जा रही है. मंत्री ने इसे लेकर दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाए हैं. क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में प्रदूषण के लिए पंजाब और हरियाणा के किसानों द्वारा अपने खेतों में धान की पराली जलाए जाने को जिम्मेदार बताया जाता रहा है. पंजाब में तो बकायदा पराली नहीं जलाने के लिए नियम कायदे बना दिए गए हैं.

बहरहाल, दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को भी हवा की स्थिति लगातार चौथे दिन 'गंभीर' बनी रही. बताया गया कि उच्च आर्दता, हवा की धीमी गति और तापमान में गिरावट की वजह से हवा में धूल कणों की स्थिति बनी हुई है. सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकॉस्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के अनुसार, दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 423 रहा. यहां न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण और फॉग का दोष दिल्ली सरकार, पंजाब और हरियाणा के किसानों पर मढ़ती रही है. इस मुद्दे को लेकर तीनों सरकारों और राजनीतिक दलों के बीच रस्साकशी भी देखी जाती रही है. अभी दिल्ली में प्रदूषण का हाल यह है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि अगर जरूरी न हो तो घर से न निकलें. इसी वहज से हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट कर यह सवाल किया है कि इस समय न दिवाली है और न ही किसान पराली जला रहे हैं, फिर भी दिल्ली में प्रदूषण इतना ज्यादा क्यों हैं.

बता दें कि दिल्ली में प्रदूषण पर रोक लगाने पर नाकाम रहने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दिल्ली सरकार पर 25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा चुका है. प्रदूषण रोकने में नाकाम रहने के चलते एनजीटी ने दिल्ली के सरकार के अफसरों की सैलरी से जुर्माना की राशि काटने का आदेश दिया था.

निर्माण कार्यों पर लगी रोक

बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त पर्यावरण प्रदूषण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने दिल्ली में निर्माण कार्य और औद्योगिक गतिविधियों पर बुधवार तक के लिए रोक लगा दी है. ईपीसीए अध्यक्ष भूरे लाल ने दिल्ली के मुख्य सचिव विजय कुमार देव को लिखे एक पत्र में कहा, "दिल्ली के वजीरपुर, मुंडका, बवाना और नरेला के अलावा एनसीआर में साहिबाबाद और फरीदाबाद स्थित औद्योगिक केंद्र 26 दिसंबर तक बंद रहेंगे."

दिल्ली में दिवाली के बाद से हवा काफी खराब हो गई है. देश की राजधानी की हवा की गुणवत्ता लगातार चौथे दिन प्रतिकूल मौसमी दशाओं के कारण अत्यंत खराब की श्रेणी में बनी रही. वायु गुणवत्ता सूचकांक सोमवार को शाम 4 बजे 448 रिकॉर्ड किया गया था. ईपीसीए ने दिल्ली यातायात पुलिस को विशेष टीम तैनात कर खासतौर से चिन्हित गलियारे में निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

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