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दिल्ली के अस्पतालों में लगे DRDO के बनाए प्लांट, 1 मिनट में 1000 लीटर ऑक्सीजन बनेगी

डीआरडीओ ने इन प्लांट्स को दिल्ली के दो बड़े सरकारी अस्पतालों एम्स और आरएमएल में लगाया है. डीआरडीओ ने इन प्लांट्स को स्वदेशी तकनीक से ही बनाया है. ऐसे प्लांट से 24 घंटे के अंदर 47 लीटर के 197 सिलेंडर कम से कम 150 बार भरे जा सकते हैं.

दिल्ली में ऐसे 5 ऑक्सीजन प्लांट लगाएगा DRDO दिल्ली में ऐसे 5 ऑक्सीजन प्लांट लगाएगा DRDO
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एम्स और आरएमएल में लगाए गए प्लांट
  • तीन महीने में 500 प्लांट लगाए जाएंगे

दिल्ली में कोरोना के संक्रमण से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. हर घंटे 14 मरीज दम तोड़ रहे हैं. ज्यादा मौत का कारण ऑक्सीजन की कमी को भी माना जा रहा है. ऐसे में सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि सब तक ऑक्सीजन कैसे पहुंचाई जाए. दिल्ली सरकार हो या केंद्र सरकार, दोनों ही इस संकट का हल निकालने में नाकाम रही हैं. ऐसे में आज एक बड़ी उम्मीद दिखी है. डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने दिल्ली के दो बड़े अस्पतालों में दो प्लांट लगाए हैं. 

डीआरडीओ ने इन प्लांट्स को दिल्ली के दो बड़े सरकारी अस्पतालों एम्स और आरएमएल में लगाया गया है. डीआरडीओ ने इन प्लांट्स को स्वदेशी तकनीक से ही बनाया है. इन प्लांट की खास बात ये है कि इनसे हर एक मिनट में 1 हजार लीटर मेडकिल ऑक्सीजन बनाई जा सकती है. अगर ऐसे प्लांट हर बड़े अस्पताल में लग जाएं तो काफी हद तक ऑक्सीजन का संकट दूर किया जा सकता है.

ऐसे प्लांट से 24 घंटे के अंदर 47 लीटर के 197 सिलेंडर कम से कम 150 बार भरे जा सकते हैं. और हर दिन ऐसे प्लांट से किसी भी अस्पताल में 195 मरीजों की जरूरत की ऑक्सीजन आसानी से मिल जाएगी. डीआरडीओ को प्लानिंग करने से लेकर प्लांट को अस्पताल में लगाकर ऑपरेशनल करने तक सिर्फ एक हफ्ते का समय लगा है. ऐसे प्लांट को एम्स और आरएमएल के मौजूदा ऑक्सीजन स्टोरेज से अटैच कर दिया गया.

डीआरडीओ के वैज्ञानिक देवेंदर शर्मा ने इंडिया टुडे को बताया कि "ऐसे प्लांट लगाने का मकसद यही है कि ऑक्सीजन सप्लायर पर अस्पतालों की निर्भरता कम की जाए." उन्होंने बताया कि "ये प्लांट वातावरण से हवा लेंगे और 24 घंटे उसे ऑक्सीजन में बदलते रहेंगे. इससे अस्पतालों पर बोझ कम होगा और ज्यादा से ज्यादा जिंदगियां बचाई जा सकेंगी."

वहीं, डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ. जी. सतीश रेड्डी ने बताया कि "प्रधानमंत्री ने हर जिले में ऐसे ऑक्सीजन प्लांट लगाने की बात कही है. हमें भरोसा है कि हम अगले तीन महीने में देशभर में ऐसे 500 ऑक्सीजन प्लांट्स लगाने में कामयाब होंगे."

ऐसे ऑक्सीजन प्लांट को दिल्ली में एम्स के ट्रॉमा सेंटर और आरएमएल के अलावा इसी हफ्ते सफदरजंग अस्पताल, लेडी हार्डिंग अस्पताल और हरियाणा के झज्जर के एम्स में भी लगाया जाएगा.

एक खास बात ये भी है कि डीआरडीओ ने इन ऑक्सीजन प्लांट को बनाने के लिए जिस तकनीक का इस्तेमाल किया है, वही तकनीक लड़ाकू विमान तेजस में भी ऑक्सीजन सप्लाई के लिए इस्तेमाल की जाती है. यानी अब जिस तकनीक से लड़ाकू विमान तेजस के अंदर बैठे पायलट्स को ऑक्सीजन मिलती है, उसी तकनीक से कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन बनाकर दिया जाएगा.

 

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