सुधांशु त्रिवेदी संसद सत्र के पांचवे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है. संसद के दोनों सदनों में आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होनी है. लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ओम बिरला ने सदन के 13 पूर्व सदस्यों के निधन की सूचना दी. राज्यसभा में बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने चर्चा की शुरुआत की. संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार को 11 बजे तक केलिए स्थगित हो गई है.
डॉक्टर भीम सिंह ने स्पेशल मेंशन के तहत राशन वितरण में अनियमितता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार से मांग है कि ऐसी व्यवस्था बनाएं जिससे लाभुकों को पूरा राशन मिल सके.
राज्यसभा से विपक्ष के सांसदों ने वॉकआउट कर दिया है. सदन की कार्यवाही चल रही है. बीजेपी और एनडीए के साथ ही वाईएसआर कांग्रेस के सांसद सदन में मौजूद हैं.
सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन को फूलो देवी नेताम के स्वास्थ्य की जानकारी दी और ये बताया विपक्ष के डिप्टी लीडर और राज्यसभा के अधिकारी भी वहां हैं. डॉक्टर्स ने अगले दो-तीन घंटों में कुछ टेस्ट कराने के लिए कहा है.
विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया है. राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने मल्लिकार्जुन खड़गे के वेल में आने को लेकर बाहर दिए बयान को मिसलीड करने वाला बताते हुए कहा कि ये बहुत पीड़ादायक है. सभी सदस्य ध्यान दें, इसे लेकर हमारा ऑफिस एक्शन में है. इसके बाद विपक्ष के सदस्यों ने वॉकआउट कर दिया.
राज्यसभा में बीजेपी सांसद कविता पाटीदार बोल रही थींं. उनको रोकते हुए सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा- प्रमोद जी प्लीज हेल्प आउट. उन्होंने किसी और सदस्य से भी मदद के लिए कहा. इसी बीच स्पीकर के कान में मार्शल ने कहा- सर 10 मिनट के लिए सदन स्थगित कर सकते हैं. सभापति ने सदन की कार्यवाही 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
मध्य प्रदेश से बीजेपी की राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा को आगे बढ़ाते हुए जम्मू कश्मीर में वोटिंग का रिकॉर्ड टूटने का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ये चुनाव नीति, नीयत, निष्ठा, ईमानदारी, योजना और सुशासन का चुनाव था इसलिए जनता ने हमारी सरकार पर भरोसा जताया.
नीट को लेकर सरकार संवेदनशील और पूरी तरह से सतर्क है. शिक्षा मंत्री ने कहा है कि एक भी बच्चे के साथ अन्याय नहीं होने देंगे लेकिन जब ये विषय सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, ये क्या सर्वोच्च न्यायालय के विजडम से ऊपर समझते हैं. जब एनटीए चीफ को हटा दिया गया, जांच जारी है, मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है तो इस तरह का माहौल बनाने का क्या मतलब है.
भारत का ये चुनाव इतिहास का इकलौता चुनाव था जिसमें विदेश में बैठे किसी धनकुबेर ने कहा हो कि हम एक मिलियन डॉलर खर्च करेंगे मोदी को हटाने के लिए. शशि थरूर ने बांग्लादेश के अखबार में लिखा- मोदी हैज टू गो. चुनाव भारत में हो रहा है तो भाई आर्टिकल विदेश के अखबार में क्यों लिख रहे हो. चुनाव में फव्वाद चौधरी के बयान का भी जिक्र करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने मनमोहन सिंह की सरकार के समय पाकिस्तान से आए एक बयान पर तब मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी का बयान याद दिलाया और कहा कि तब मोदीजी ने दहाड़ कर कहा था कि हमारे पीएम को लेकर बोलने वाला पाकिस्तान कौन होता है. इनके मुंह से एक शब्द नहीं निकला.
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राज्यसभा की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर अपने संबोधन की शुरुआत की. उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि अंग्रेज चले गए, अंग्रेजियत नहीं गई. जब राष्ट्रपति महोदया कहती हैं कि 21वीं सदी भारत की है, तब कुछ लोग हैं जो यह बता रहे हैं कि कौन अरब से आया, कौन चीन से. उन्होंने अरब से लेकर चीन तक भारत के जिक्र का भी उल्लेख किया. सुधांशु त्रिवेदी ने डेटा से मोबाइल हैंडसेट मैन्यूफैक्चरिंग, पेटेंग, इनोवेशन इंडेक्स में छलांग की भी चर्चा की. उन्होंने सक्षम विदेश नीति का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत उस मुकाम पर पहुंचा है जिसे रूस और अमेरिका दोनों अपने सबसे सक्षम हथियार देने को तैयार हों. हमारे विरोधी विदेश नीति को डोमेस्टिक पॉलिटिक्स के चश्मे से देखते थे. कोई इजरायल जाएगा तो फिलिस्तीन नहीं और फिलिस्तीन जाता था तो इजरायल नहीं. उन्होंने पीएम मोदी के फिलिस्तीन दौरे का वाकया भी सुनाया.
आज का दिन संसद के इतिहास में इतना दागी हो गया है कि प्रतिपक्ष के नेता खुद वेल में आए हैं. मैं पीड़ित हूं कि भारत की संसदीय परंपरा इतनी गिर जाएगी कि प्रतिपक्ष के नेता वेल में आएंगे. सभापति धनखड़ ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी. इससे पहले राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सुधांशु त्रिवेदी ने धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत की. इस दौरान विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी. विपक्ष के हंगामे के बीच सुधांशु त्रिवेदी बोलते रहे. सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला. विपक्षी सांसद वेल में आकर नारेबाजी करने लगे.
अयोध्या में जब हमें वांछित सफलता नहीं मिली तो विरोधी बता क्या रहे हैं, चित्रकूट से लेकर रामेश्वर तक राम से जुड़ी सीटें गिना रहे हैं. जो कभी भगवान राम का अस्तित्व नहीं मानते थे, भगवान राम क्या लगता है हमें हरवाने के लिए आए थे, नहीं, भगवान राम अपना अस्तित्व मनवाने के लिए आए थे. भगवान राम को भी एक बार नागपास लगा था हनुमान जी को उनकी शक्तियां याद दिलाने के लिए. एक बार यूपी में भी ये नारा लगा था कि मिले मुलायम कांशीराम, हवा में उड़ गए जयश्रीराम.. हमने सरकार बनाकर दिखा दी थी. हमारे लिए राम चुनावी हार-जीत का विषय नहीं है. हम दो सीट पर भी वैसे ही खड़े थे, आज भी वैसे ही खड़े हैं. हो सकता है तपस्या में कोई कमी रह गई हो. सुधांशु त्रिवेदी ने संविधान का विषय उठाए जाने को लेकर कहा कि इन लोगों ने अपने समय में संविधान के साथ क्या किया, तीन उदाहरण से बताना चाहता हूं. नाजी फिल्म का उदाहरण देते हुए इंदिरा इज इंडिया और इंडिया इज इंदिरा का नारा याद दिलाया. जजों को लेकर हिटलर के बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने आपातकाल में वैसा ही कदम इंदिरा की ओर से उठाए जाने के साथ संविधान के 39वें और 40वें संशोधन याद दिलाए. 42वां संविधान संशोधन ऐसा संशोधन था जिसमें संविधान की आत्मा को बदल दिया गया. उस जमाने में एक शेर बोला गया- अब तो गालिब जोक साहिर मीर सरकारी, शायरी की हो गई तासीर सरकारी... ये जब जब सत्ता में आए, संविधान खतरे में रहा. राजीव गांधी की सरकार ने न्यायालय का आदेश रोककर शरिया को संविधान से ऊपर कर दिया. 1992 में पीवी नरसिम्हाराव के जमाने में ढांचा गिरने पर यूपी सरकार बर्खास्त कर दी गई, समझ आता है. हमारी सारी सरकारें बर्खास्त कर दी गईं. संविधान खतरे में. जब मनमोहन सिंह की सरकार आई, यूनियन कैबिनेट के ऊपर नेशनल एडवाइजरी काउंसिल किसने बनाई. 2006 में सोनिया गांधी को ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के केस में इस्तीफा देना पड़ा था क्योंकि वह पद असंवैधानिक था. 10 साल तक देश में सुपर पीएम पीएम सुना. कैबिनेट के निर्णय को फाड़कर फेक दिया गया, संविधान खतरे में था. मार्च 2006 में केरल की विधानसभा में स्पेशल सेशन बुलाया जाता है और कोयंबटूर हमले के आरोपी को रिहा करने के प्रस्ताव पर सभी विधायक वोट करते हैं, संविधान खतरे में था. इन्होंने सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया, संसद से पारित किसी कानून के खिलाफ राज्य की सरकारें प्रस्ताव पारित नहीं कर सकतीं. दो नेता जेल में चले गए तो इन्हें लगता है कि संविधान खतरे में आ गया. क्या ये 2014 के बाद ही हुआ? शिबू सोरेन, मधु कोड़ा, लालू यादव, ए राजा के जेल जाने और सोनिया गांधी-राहुल गांधी को बॉन्ड लेना पड़ा तब हमारी सरकार नहीं थी. जिनके खुद के बहीखाते बेहिसाब बिगड़े हुए हैं, वही हमसे हिसाब मांगते हैं.
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रियंका चतुर्वेदी पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाना चाहती हैं. इस पर पीठासीन उपसभापति हरिवंश ने प्रियंका चतुर्वदी से नियम पूछा. प्रियंका ने कहा कि आपको नियम भी बताउंगी, मेंबर हूं. हम प्रोटेस्ट कर रहे हैं, हमें पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाने की भी परमिशन नहीं दे रहे और वह बोले जा रहे हैं. इस पर पीठासीन राज्यसभा के उपसभापति ने कहा कि ये पॉइंट ऑफ ऑर्डर नहीं है, बैठिए... उन्होंने सुधांशु त्रिवेदी से अपनी बात जारी रखने के लिए कहा.
सुधांशु त्रिवेदी ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता का नाम लेकर कहा कि खड़गे जी की तुलना मोदी जी से नहीं हो सकती. खड़गे जी कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में सोनिया गांधी के उम्मीदवार थे इसलिए डेलिगेट्स ने उनको वोट कर दिया. मोदीजी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया.
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं. नेहरू की बराबरी हो गई है. नेहरू और मोदी में कोई तुलना नहीं हो सकती. सुधांशु त्रिवेदी ने एक किताब का संदर्भ देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के लिए नेहरूजी को शून्य वोट मिले थे और एक मोदीजी हैं जिन्हें सर्वसम्मति से नेता माना गया है. एक नेहरू हैं जिन्हें उनकी पार्टी ने नेता नहीं माना, एक तरफ मोदीजी हैं जिन्हें सर्वसम्मति से नेता माना गया. सुधांशु त्रिवेदी ने पीएम मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने वाले देशों के नाम भी गिनाए और दूसरे दलों के नेताओं को दिए गए सम्मान गिनाए. उन्होंने कहा कि एक मोदीजी जिन्होंने सबको भारत रत्न दिया और एक नेहरूजी हैं जिन्होंने खुद को भारत रत्न दे दिया. नेहरूजी के मुकाबले मोदीजी अतुलनीय हैं. दोनों में जमीन आसमान का अंतर है. एक पंक्ति सुनाते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि वह जवाहरात के लाल थे, मोदीजी गुदड़ी के लाल हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने राज्यसभा में नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया. पूर्व पीएम ने जांच जारी होने का उल्लेख किया और कहा कि हमें सामूहिक जिम्मेदारी लेनी होगी. पूर्व पीएम ने हाथ जोड़कर सदन से यह निवेदन किया.
विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही नहीं चल सकी. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही सोमवार की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सांसद नुरूल इस्लाम ने शपथ ली. इसके बाद विपक्ष के सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया. विपक्ष की नारेबाजी के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार है.
बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा की शुरुआत की. सुधांशु त्रिवेदी ने ओडिशा में पहली बार सरकार बनाने से लेकर तमिलनाडु में कांग्रेस से एक फीसदी अधिक वोट पाने का उल्लेख करते हुए कहा कि बीजेपी ने हर क्षेत्र में प्रभाव रखने वाली राजनीतिक पार्टी के रूप में खुद को स्थापित किया. उन्होंने कहा कि हम पांचवे नंबर की अर्थव्यवस्था उस ब्रिटेन को पीछे छोड़कर बने जिसने हम पर कभी हुकूमत की थी. चांद के अछूते कोने दक्षिणी ध्रुव को छूने वाले पहले देश बने जिसका उल्लेख राष्ट्रपति ने भी किया था.
हंगामे के कारण स्थगित हुई संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही फिर से शुरू हो गई है.
विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही भी दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है.
राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा की शुरुआत हुई. बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच चर्चा की शुरुआत की. विपक्षी सांसद वेल में आकर नारेबाजी करने लगे. सभापति जगदीप धनखड़ ने सागरिका घोष, डेरेक ओ'ब्रायन समेत नारेबाजी कर रहे सांसदों को नेम करने की चेतावनी दी.
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में नीट का मुद्दा उठाया. राहुल गांधी ने नीट पर चर्चा की मांग की. इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आप राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कोई भी विषय उठा सकते हैं, डिटेल में अपनी बात रख सकते हैं. राहुल गांधी ने स्पीकर से दो मिनट का समय देने की मांग की. इस पर स्पीकर ने कहा कि आप दो मिनट नहीं, अपनी पार्टी का पूरा समय ले लीजिएगा. स्पीकर ने इसके बाद सदस्यों से अपने नाम के आगे अंकित प्रपत्र सदन पटल पर रखने के लिए कहा. इस पर विपक्ष के सदस्य नारेबाजी और हंगामा करने लगे. हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी. इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने कार्यसूची में दर्ज प्रपत्र सभा पटल पर रखने के लिए सदस्यों के नाम पुकारना शुरू किया. इसके बाद विपक्षी इंडिया ब्लॉक के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. इंडिया ब्लॉक के सदस्यों ने नारेबाजी की.
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है. लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर स्पीर ओम बिरला ने सदन के 13 पूर्व सदस्यों के निधन की सूचना दी और सदन ने शोक व्यक्त किया. वहीं, राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ ने सपा सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव, उपसभापति हरिवंश को जन्मदिन की बधाई दी और सदन के पूर्व सदस्यों के निधन की भी सूचना दी.
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने डिमांड की है कि पहले नीट पर बहस होनी चाहिए. राहुल ने संसद जाते समय मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्रीजी से रिक्वेस्ट करता हूं कि पहले नीट पर बहस हो और उसके बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा हो.
संसद में आज से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा होनी है. संसद की कार्यवाही 11 बजे से शुरू होनी है और इससे पहले आम आदमी पार्टी के सांसदों ने संसद भवन के बाहर प्रदर्शन किया. आम आदमी पार्टी के सांसदों ने पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रिहाई के लिए प्रदर्शन किया.
केरल की राजनीतिक पार्टी इंडियन मुस्लिम लीग से सांसद पी वी अब्दुल वहाब ने NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने और यूजीसी नेट, सीएसआईआर नेट, नीट पीजी और एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षा के मुद्दे पर राज्यसभा में स्थगन का नोटिस दिया.
कल हुई INDIA ब्लॉक की मीटिंग के दौरान वामपंथी नेता विकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा,'हम NEET मुद्दे पर चर्चा की अपनी मांग पर अड़े रहेंगे. अब समय आ गया है कि सरकार इस पर जवाब दे. हम सोमवार से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में भाग लेंगे.' कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी हैं, उन्होंने सदन में उचित समन्वय सुनिश्चित करने के प्रयास में तीन दिनों के भीतर सदन के नेताओं के साथ दो बैठकें की हैं.'
कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे के आवास पर इंडिया गठबंधन के नेताओं ने गुरुवार को बैठक की. इस दौरान नीट मसले पर विस्तार से चर्चा हुई. दरअसल, इस बात पर आम सहमति थी कि विपक्ष नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए दबाव बनाएगा. बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, एनसीपी नेता शरद पवार और सुप्रिया सुले, डीएमके नेता कनिमोझी, शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत, प्रियंका चतुर्वेदी और अरविंद सावंत, आप नेता संजय सिंह और संदीप पाठक और अन्य शामिल हुए.