दिल्ली की सड़कों पर बीती रात जो हुआ, उसने हर देखने वाले को चौंका दिया. यह कोई फिल्मी सीन नहीं बल्कि दिल्ली के विवेक विहार इलाके की हकीकत थी. यहां दिल्ली पुलिस की वेस्ट डिस्ट्रिक्ट एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड टीम और शातिर कार चोरों के बीच बीच सड़क पर आर-पार की लड़ाई देखने को मिली. पूरी घटना कुछ देर के लिए इलाके में अफरातफरी का कारण बन गई.
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक पुलिसकर्मी हाथों में डंडे और हथौड़े लिए एक सफेद किया सेलटोस कार को घेर चुके थे. तस्वीरों और वीडियो में साफ दिखा कि कार में सवार बदमाश पुलिस से बचने के लिए गाड़ी को ही हथियार बना रहे थे. आरोपियों ने न सिर्फ पुलिस की गाड़ियों को टक्कर मारी बल्कि सड़क किनारे खड़े आम लोगों के वाहनों को भी जोरदार टक्कर दी. हालात ऐसे बन गए थे कि कोई भी आम नागरिक इसकी चपेट में आ सकता था.
सड़क पर पुलिस और कार चोरों के बीच आमना-सामना
दिल्ली पुलिस के जवानों ने हालात को देखते हुए पीछे हटने के बजाय मोर्चा संभाला. जब बदमाशों ने सरेंडर करने से इनकार किया और पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की, तो टीम ने सख्ती दिखाई. पुलिसकर्मियों ने हथौड़ों और डंडों से कार के शीशे तोड़ दिए. इसके बाद आरोपियों को काबू में कर लिया गया. इस दौरान मौके पर मौजूद भीड़ का गुस्सा भी फूट पड़ा और लोगों ने आरोपियों की जमकर पिटाई कर दी.
पुलिस के अनुसार पकड़े गए तीनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और कार चोरी की वारदातों में कुख्यात हैं. आरोपियों की पहचान मशरूर, उम्र 56 साल, निवासी सुल्तानपुर, आसिफ, उम्र 42 साल, निवासी मेरठ और अकील, उम्र 40 साल, निवासी मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि यह गैंग अब तक 50 से ज्यादा कार चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है.
यूपी के तीन कुख्यात कार चोर गिरफ्तार
वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की एएटीएस टीम को इन आरोपियों की गतिविधियों की जानकारी पहले से थी. इसी आधार पर टीम ने जाल बिछाया था. जैसे ही आरोपी चोरी की कार में इलाके से गुजर रहे थे, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. इसी दौरान आरोपियों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस की गाड़ी में जानबूझकर टक्कर मार दी. पुलिस के मुताबिक उस वक्त गाड़ी मशरूर चला रहा था और इस टक्कर में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए.
जांच में यह भी सामने आया है कि जिस सफेद किया सेलटोस कार में आरोपी भागने की कोशिश कर रहे थे, वह भी चोरी की थी. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गैंग के अन्य सदस्य कहां सक्रिय हैं और चोरी की गई गाड़ियां कहां बेची जाती थीं. फिलहाल विवेक विहार की यह घटना दिल्ली की सड़कों पर अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस और पुलिस की तत्परता दोनों को दिखाती है.