राजधानी दिल्ली में उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच चल रहे तनाव के बीच अब AAP सरकार पूर्ण राज्य के दर्जे पर चर्चा करेगी. इसके लिए दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया गया है. राज्य के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को ट्वीट कर बताया कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाए जाने की मांग पर छह जून से आठ जून तक विशेष सत्र बुलाया गया है.
मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया "राजधानी के लोगों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं रखा जा सकता है. 6, 7 और 8 जून को दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने को लेकर विधायक चर्चा करेंगे".
Delhi Assembly's 3-days special session of on 6, 7 & 8 June to discuss and decide on the 'demand of full statehood' for Delhi.
People of Delhi cannot be denied their rights. Looking forward to meaningful debates.
— Manish Sisodia (@msisodia)
अपने अगले ट्वीट में मनीष सिसोदिया ने बीजेपी को अपने वादे की याद दिलाई. सिसोदिया ने ट्वीट किया "बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2014 में दिल्ली के लिए अलग से मेनिफेस्टो बनाया था और उसमें वादा किया था कि अगर वो केंद्र में आती है तो दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देगी. उम्मीद है मेनिफेस्टो की प्रतियां अभी बीजेपी सांसदों व अन्य नेताओं के पास होंगी".
बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2014 में दिल्ली के लिए अलग से मेनिफेस्टो बनाया था और उसमें वादा किया था कि अगर वो केंद्र में आती है तो दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देगी।...उम्मीद है मेनिफेस्टो की प्रतियां अभी बीजेपी सांसदों व अन्य नेताओं के पास होंगी ।
— Manish Sisodia (@msisodia)
पिछले कई सालों से चुनावी रैलियों में तमाम राजनीतिक दल दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का वादा कर चुके हैं. केंद्र में सत्ता संभाल रही बीजेपी और केंद्र में सत्ता संभाल चुकी कांग्रेस ने भी पूर्ण राज्य के दर्जे पर मांग उठाते हुए जमकर वोट मांगें थे. दिल्ली में फिलहाल आम आदमी पार्टी सरकार विशेष सत्र में सदन के भीतर प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को भेजेगी.