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मास्क की खरीद में केजरीवाल सरकार ने किया घोटाला, सीबीआई जांच हो: कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा कि दिल्ली सरकार ने स्कूली बच्चों को मास्क बांटने के लिए 10 करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन बच्चों को मास्क नहीं मिला. केजरीवाल सरकार ने 40 करोड़ रुपये विज्ञापन पर खर्च किए, अगर उस पैसे से मास्क खरीदा गया होता तो दिल्ली वालों को राहत मिली होती.

अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो-PTI) अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो-PTI)

दिल्ली में प्रदूषण अपने खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, इस बीच राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. ताजा हमला कांग्रेस ने केजरीवाल सरकार पर किया है. प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि दिल्ली सरकार ने स्कूली बच्चों को मास्क बांटने के लिए 10 करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन बच्चों को मास्क नहीं मिला.

प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने 40 करोड़ रुपये विज्ञापन पर खर्च किए, अगर उस पैसे से मास्क खरीदा गया होता तो दिल्ली वालों को राहत मिली होती. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मास्क की खरीद में घोटाला हुआ है और इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए. वहीं पार्टी ने आगे कहा कि ऑड-ईवन के दौरान दिल्ली की रेड लाइट पर सिविल डिफेंस के जो लोग खड़े रहते हैं वे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हैं, जिन्हें 600 रुपए दिया जाता है.

कांग्रेस का आरोप है कि दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को लेकर कुछ नहीं किया. दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में लगभग 9 लाख बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन उन बच्चों के लिए एक भी मास्क नहीं खरीदा. इसके साथ ही केजरीवाल सरकार की नजर स्कूली बच्चों के जरिये उनके परिवार वालों के वोटबैंक पर है इसलिए स्कूली बच्चों को मास्क बाटने का नाटक कर रहे हैं.

कांग्रेस नेताओं ने कहा, 'दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर नहीं किया गया जिसके कारण आज लोगों को मजबूरन निजी वाहनों पर आना पड़ा है. 902 करोड़ रुपए जो ग्रीन टैक्स का पैसा है, वो खर्च नहीं किया गया. अब उस पैसे को केजरीवाल अपने प्रचार पर खर्च करेंगे.'

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प्रदूषण के मुद्दे पर केजरीवाल सरकार पर हमलावर होते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेता विजय गोयल ने कहा कि ऑड-ईवन एक मजाक बनकर रह गया है. 5 सालों में जिन कारणों की वजह से प्रदूषण फैलता है, उन्हें कम करने के लिए केजरीवाल सरकार ने कुछ भी नहीं किया है.

उन्होंने कहा, 'सरकार कभी 2 दिन स्कीम खोलती है तो कभी दो दिन स्कीम बंद कर देती है. इससे पता चलता है कि प्रदूषण के मुद्दे को लेकर सरकार सीरियस नहीं है. मैं ऑड-ईवन का विरोध नहीं कर रहा, मेरा विरोध इस बात से है कि आप ऑड-ईवन का इस्तेमाल करके चुनावी रोटियां सेक रहे हैं.'

गोयल ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट से लेकर किसी भी पर्यावरणविद से आप पूछ लीजिये ऑड-ईवन से कुछ भी फर्क नहीं पड़ता है. जिन कारणों से 90 फीसदी प्रदूषण होता है, जिनसे रोड डस्ट आती है, कंस्ट्रक्शन डस्ट आती है, उस पर काम नहीं किया गया है. आपको बसें लानी थी, लेकिन नहीं लाए.  अब जाहिर तौर पर सड़कों पर प्राइवेट गाड़ियां ज्यादा चल रहे हैं.'

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