दिल्ली सरकार ने मानसून के मौसम में पेड़ों के गिरने से होने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अब राजधानी के हर जिले में एक-एक क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात की जाएगी, जो 24 घंटे लगातार काम करेगी.
यह फैसला हाल ही में दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया. क्यूआरटी टीमें राजस्व विभाग, एनडीएमसी, एमसीडी, वन विभाग और डिस्कॉम जैसे विभागों के अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेंगी. ये टीमें दिल्ली के 11 राजस्व जिलों में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के अधीन रहेंगी.
जिले में एक-एक क्विक रिस्पॉन्स टीम तैनात की जाएगी
हर टीम तीन शिफ्टों में 24/7 काम करेगी। इन्हें पेड़ों की छंटाई, गिरे हुए पेड़ों को हटाने और खतरनाक पेड़ों से होने वाली घटनाओं से निपटने की जिम्मेदारी दी गई है. सभी टीमों को जरूरी उपकरण, वाहन और सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे.
इन टीमों की निगरानी स्थानीय एसडीएम करेंगे, जो नोडल अधिकारी की भूमिका में होंगे. सरकार का उद्देश्य मानसून के दौरान दिल्ली की सड़कों को बाधित होने से बचाना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
दिल्ली सरकार ने मानसून को अलर्ट
सरकार ने कहा है कि यह व्यवस्था 15 सितंबर 2025 तक लागू रहेगी. भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने की घटनाएं आम होती हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है. क्यूआरटी टीमों के जरिए इस परेशानी से जल्दी राहत दी जाएगी.