दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने 398 नए सरकारी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे हैं. इन कर्मचारियों को शिक्षा निदेशालय, सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग, दिल्ली परिवहन निगम, दिल्ली नगर निगम, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद, श्रम विभाग, दिल्ली कृषि विभाग, दिल्ली जल विभाग जैसे विभागों और निकायों में नियुक्त किया गया है.
दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने नए कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार और स्थानीय निकायों में खाली पड़े 22 हजार पदों को अगले डेढ़ साल के अंदर स्थायी तौर पर भरा जाएगा.
उन्होंने कहा कि कोई भी नौकरी छोटी या बड़ी नहीं होती है, बल्कि काम के प्रति जिम्मेदारी मायने रखती है. जिसे जो भी काम मिला है, उसे उस काम को दृढ़ विश्वास के साथ प्रतिबद्धता, समर्पण और ईमानदारी से निभाना है. उन्होंने आगे कहा कि सरकारी नौकरी आजीविका का एक माध्यम मात्र नहीं है, बल्कि देश की सेवा और देश की तरक्की में एक महत्वपूर्ण योगदान का अवसर है.
उपराज्यपाल ने कहा, "जब से मैंने दिल्ली के एलजी के रूप में कार्यभार संभाला है, तबसे वह संविदा भर्ती के बजाय खाली पड़े हुए पदों को स्थायी तौर पर भरने पर जोर दे रहे हैं."
उन्होंने जोर दिया कि संविदा भर्ती की प्रक्रिया में पक्षपात और भ्रष्टाचार की संभावना होती है, जिसमें वैसे नागरिकों का शोषण होता है, जो नौकरी के हकदार हैं. उन्होंने नियुक्तियों की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिएकई बैठकों की अध्यक्षता की थी, जिसकी वजह से दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) द्वारा भर्ती प्रक्रियाओं को अभूतपूर्व गति मिली है.
अनुकंपा के आधार पर 149 कर्मचारियों को नियुक्ति
वीके सक्सेना ने बताया कि अनुकंपा के आधार पर 149 नियुक्ति पत्रों में 103 आश्रितों को सेवा विभाग द्वारा नियुक्त किया गया है और 46 आश्रितों को एनडीएमसी द्वारा नियुक्त किया गया है. इसके अलावा मई 2022 और मई 2023 के बीच मुख्य रूप से शिक्षा विभाग में DSSSB के जरिए 15,367 पद भरे गए. एनडीएमसी ने केंद्र सरकार की मदद से करीब 4500 भर्ती की, 376 पद यूपीएससी के जरिए भरे गए, जिनमें 324 पद दिल्ली में खाली पड़े प्रिंसिपल/वाइस प्रिंसिपल के थे. इसके अलावा DSSSB के जरिए दिल्ली फायर डिपार्टमेंट में 500 पदों के अलावा डीटीसी और श्रम विभाग के पदों को भी भरा गया.
DSSSB अध्यक्ष ने क्या कहा?
DSSSB अध्यक्ष ने कहा कि बीते डेढ़ साल में बोर्ड की दक्षता में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है. पहले परीक्षा के बाद रिजल्ट देने में 12 महीने लगते थे जोकि अब 6-8 महीने तक दे दिया जाता है. पहले ही 10 हजार अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है. 9 हजार रिक्तियां चयन भर्ती के विभिन्न चरणों में हैं और 13 हजार खाली पदों की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि अगले डेढ़ साल में 22 हजार खाली पदों को भरा जाएगा.