अक्टूबर महीने की 11 तारीख को दिल्ली के निजामुद्दीन स्टेशन इलाके के एक होटल में एक ज्वेलरी व्यापारी से बदमाशों ने 50 लाख के गहने लूट लिए. बदमाशों ने व्यापारी को होटल के कमरे में ही बंधक बना लिया था.
खबर मिलते ही निजामुद्दीन पुलिस जब होटल पहुंची और सीसीटीवी को खंगाला तब पता चला कि होटल में ही ठहरे दो शख्स ने इस वारदात को अंजाम दिया है. पीड़ित व्यापारी से जब इस बाबत पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वो ज्वेलरी सप्लाई करने वाली कंपनी का एजेंट है. उसने बताया कि होटल में ही ठहरे दो लोगों ने उसे फोन कर बुलाया था और गहनों को मुंबई ले जाने की बात कही थी. लेकिन जैसे ही दोनों उसके कमरे में घुसे उन लोगों ने मारपीट शुरू कर दी और करीब 50 लाख के गहने लेकर फरार हो गए.
पीड़ित एजेंट की निशानदेही और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने दोनों ही लूटेरों की छानबीन शुरू कर दी. पुलिस ने ऐसे तमाम बदमाशों से पूछताछ की जो इस तरह की वारदात को अंजाम दे सकते थे लेकिन पुलिस को कामयाबी नहीं मिली. जांच के दौरान पुलिस को पता लगा गुड़गांव के डीएलएफ फेज टू में एक मामला दर्ज हुआ था जिसमें कुरियर कंपनी में काम करने वाला एक कर्मचारी हीरे को डिलिवरी करने की बजाय उन्हें लेकर फरार हो गया था.
बस इस सुराग के साथ ही पुलिस को उस शख्स का हुलिया भी पता चल गया जो निजामुद्दीन के होटल में लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हुआ था. पुलिस ने अपने तमाम खबरियों को इस काम में लगा दिया और जल्द ही पुलिस को सफलता भी मिली. पुलिस ने आशीष और जयबीर को गिरफ्तार कर लिया.
आशीष ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वो पहले एक ऐसी ही एजेंसी में काम करता था जो ज्वेलरी सप्लाई का काम करती थी. बस उसे इस अनोखी लूट का आइडिया भी वहीं से आया और फिर उसने अपने साथी जयबीर के साथ मिलकर लूट की पूरी वारदात को अंजाम दे डाला. पुलिस ने दोनों के कब्जे से वो जेवर भी बरामद कर लिए हैं जो दोनों ने ज्वेलरी एजेंट से लूटे थे.