दिल्ली के जनकपुरी इलाके में खुले पड़े दिल्ली जल बोर्ड के गड्ढे में गिरने से 25 वर्षीय बाइक सवार की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने दो ठेकेदारों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं. एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने एक तीसरे आरोपी की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है, जबकि मौके पर मौजूद एक मजदूर को भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उस पर आरोप है कि उसने गिरने की घटना की जानकारी समय पर अधिकारियों को नहीं दी.
अधिकारी ने बताया कि जिन ठेकेदारों के खिलाफ वारंट जारी हुए हैं, उनके नाम हिमांशु गुप्ता और कविश गुप्ता हैं, जो आपस में भाई हैं. वहीं सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश कुमार प्रजापति की हिरासत एक दिन के लिए बढ़ा दी गई है. मजदूर योगेश, जो कथित तौर पर उस समय मौके पर मौजूद था जब बाइक सवार गड्ढे में गिरा, उसे कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
शुक्रवार को हुआ था हादसा
निजी बैंक कर्मचारी कमल ध्यानी शुक्रवार तड़के जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की ओर से सीवर के काम के लिए खोदे गए करीब 15 फुट गहरे गड्ढे में गिर गए थे. पुलिस के अनुसार, सुरक्षा गार्ड से सूचना मिलने के बावजूद योगेश ने अधिकारियों को खबर नहीं दी, बल्कि प्रजापति को फोन किया. आरोप है कि रात में जब पीड़ित के परिजन उसे खोजते हुए पहुंचे तो योगेश ने उन्हें गुमराह भी किया.
पुलिस ने लगाई गैर इरादतन हत्या की धारा
प्रजापति को इस आरोप में गिरफ्तार किया गया कि उसे घटना की जानकारी होने के बावजूद उसने पुलिस या आपात एजेंसियों को सूचना नहीं दी. योगेश को बाद में उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया. जनकपुरी थाने में आरोपियों और दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने बताया कि जिन ठेकेदारों के खिलाफ वारंट जारी हुए हैं, उनकी तलाश जारी है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण ट्रॉमैटिक एस्फिक्सिया और दम घुटना बताया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, भारी वस्तु के दबाव से छाती दबने और गड्ढे में गिरने के बाद ढीली मिट्टी से मुंह और नाक बंद हो जाने के कारण दम घुटा.