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दिल्‍ली हाई कोर्ट ने दिल्‍ली-गुड़गांव टोल प्‍लाजा हटाने के आदेश दिए

दिल्‍ली हाई कोर्ट ने दो साल के लंबे विवाद के बाद दिल्‍ली-गुड़गांव एक्‍सप्रेसवे पर टोल प्‍लाजा को हटाने का आदेश दिया है. बुधवार को कोर्ट के आदेश के बाद अब एक से दो दिनों में अधिसूचना जारी होते ही टोल प्‍लाजा को हटा दिया जाएगा.

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दिल्‍ली-गुड़गांव टोल प्‍लाजा पर वाहनों की कतार (फाइल फोटो)
दिल्‍ली-गुड़गांव टोल प्‍लाजा पर वाहनों की कतार (फाइल फोटो)

दिल्‍ली हाई कोर्ट ने दो साल के लंबे विवाद के बाद दिल्‍ली-गुड़गांव एक्‍सप्रेसवे पर टोल प्‍लाजा को हटाने का आदेश दिया है. बुधवार को कोर्ट के आदेश के बाद अब एक से दो दिनों में अधिसूचना जारी होते ही टोल प्‍लाजा को हटा दिया जाएगा.

हालांकि कोर्ट के आदेश और मामले से सं‍बंधित पक्षों में समझौते के तहत कमर्शियल वाहनों से चुंगी वसूलना जारी रहेगा, लेकिन उसके अलग से लेन बनाई जाएगी ताकि आम लोगों को ट्रैफिक की समस्या से दो चार न होना पड़े.

गौरतलब है कि इस मामले में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया, दिल्ली गुड़गांव सुपर कनेक्टिविटी लिमिटेड, लीड फाइनेंसर आईडीएफसी के अलावा एमसीडी पार्टी थे. इन सभी के बीच समझौते के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया. सभी इस बात से सहमत थे कि टोल को हटा दिया जाए.

बहरहाल, विवाद के निपटने से अब एक्सप्रेसवे पर सिरहौल में टोल प्लाजा हट जाएगा. मामले में एमसीडी और एसएमएस इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर लिमिटेड ने कोर्ट से हस्‍तक्षेप का आग्रह किया था. एमसीडी ने दिल्ली में एंट्री बैरियर पर इस कंपनी को तीन साल के लिए टोल वसूलने का काम दिया था. हाईकोर्ट ने 12 फरवरी को सभी पक्षों को समझौता करने का आखिरी मौका दिया था.

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