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दिल्ली: 3 हजार से ज्यादा विचाराधीन कैदियों को राहत, 30 दिनों के लिए बढ़ी अंतरिम जमानत

ऐसे कैदियों को अब दिसंबर 2020 से आत्मसमर्पण करना होगा. कोरोना के मद्देनजर अंडर ट्रायल कैदियों को 5 नवंबर तक आत्मसमर्पण करने के आदेश दिए गए थे लेकिन अब इसको बढ़ाने के पीछे बड़ा कारण जेल में पहले से ही क्षमता से ज्यादा कैदियों का मौजूद होना है.

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दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल (फाइल फोटो- पीटीआई)
दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल (फाइल फोटो- पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली में विचाराधीन कैदियों को राहत
  • 30 दिनों तक बढ़ी अंतरिम जमानत
  • कोरोना की वजह से जेल से हुए थे रिहा

दिल्ली की हाई-पावर कमेटी ने 3337 अंडरट्रायल कैदियों को दी गई अंतरिम जमानत को फिलहाल 30 दिनों के लिए और बढ़ाने की सिफारिश की है.

समिति ने कहा है कि ऐसे कैदियों को अब दिसंबर 2020 से आत्मसमर्पण करना होगा. कोरोना के मद्देनजर अंडर ट्रायल कैदियों को 5 नवंबर तक आत्मसमर्पण करने के आदेश दिए गए थे लेकिन अब इसको बढ़ाने के पीछे बड़ा कारण जेल में पहले से ही क्षमता से ज्यादा कैदियों का मौजूद होना है. 

बता दें कि इस साल अप्रैल में करोना के संक्रमण को जेल में रोकने के लिए विचाराधीन कैदियों को हाई कोर्ट के आदेश के बाद रिहा कर दिया गया था. क्योंकि दिल्ली की तिहाड़ जेल समेत सभी जेल में क्षमता से अधिक कैदी थे. 

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दिल्ली में फिलहाल रोहिणी, मंडोली और तिहाड़ जेल में कुल मिलाकर 16000 कैदी हैं. अगर इसमें तकरीबन साढे़ तीन हजार कैदी और जोड़े जाएं तो यह संख्या बढ़कर 20000 से ऊपर पहुंच जाएगी, यानी कि जेलों में क्षमता से दोगुने कैदी हो जाएंगे.

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ऐसे में करोना के मद्देनजर जेलों में कैदियों का जमावड़ा ज्यादा न हो इसलिए हाई पावर कमेटी ने यह फैसला लिया है. इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने पिछले हफ्ते अंडर ट्रायल बंदियों को मिली जमानत को आगे बढ़ाने से इनकार करते हुए हाई पावर कमेटी से इस पर फैसला लेने को कहा था. हाई पावर कमेटी दिल्ली हाई कोर्ट की सिफारिश पर ही बनाई गई थी. 

 

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