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दिल्ली में सरकारी अस्पतालों का हाल बेहाल! AAP विधायकों ने विधानसभा में उठाया मुद्दा

दिल्ली सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे राजेंद्र पाल गौतम ने विधानसभा में कहा कि मेरे क्षेत्र सीमापुरी में पांच सरकारी अस्पताल हैं, लेकिन उनमें रखीं मशीनें तक खराब हो गई हैं. उनके अलावा किराड़ी विधायक ऋतुराज झा ने अपने क्षेत्र में अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू न कराए जाने पर नाराजगी जाहिर की. 

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दिल्ली के सरकारी अस्पतालों का हाल-बेहाल!
दिल्ली के सरकारी अस्पतालों का हाल-बेहाल!

दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्थाओं का मामला उठाया. AAP विधायक और पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने सदन में कहा कि मेरी विधानसभा सीमापुरी में पांच सरकारी अस्पताल हैं, लेकिन उनमें रखीं मशीनें तक खराब हो गई हैं. उनके अलावा किराड़ी विधायक ऋतुराज झा ने अपने क्षेत्र में अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू न कराए जाने पर नाराजगी जाहिर की. 

राजेंद्र गौतम ने कहा कि सीमापुरी विधानसभा क्षेत्र में जो पांच अस्पताल हैं, उनमें से चार दिल्ली सरकार के हैं और एक अस्पताल एमसीडी का है. दिल्ली सरकार के दो अस्पताल दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट और राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल गवर्निंग बॉडी द्वारा चलाए जाते हैं. गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन मुख्य सचिव हैं. पहले कैंसर इंस्टिट्यूट में हज़ारों लोग इलाज के लिए हर दिन आते थे. लेकिन आज दुर्भाग्य की बात है कि मशीनें तक बंद हो गईं हैं, कोई टेस्ट भी नहीं हो पा रहे. मशीनों का एनुअल मेंटेनेंस नहीं हो पाया और बर्बाद हो गईं. 

AAP विधायक ने सदन में कहा कि दोनों ही अस्पतालों में लंबे समय से कोई स्थायी डायरेक्टर नहीं हैं. राजीव गांधी अस्पताल में लंबे समय से कोई अकाउंट ऑफ़िसर नहीं है. मशीनों का एनुअल मेंटेनेंस नहीं हो पाया और बर्बाद हो गईं. मेरा सदन से निवेदन है कि इसका रिकॉर्ड मंगाया जाए कि पिछले कुछ सालों में कितने डॉक्टर अस्पताल छोड़कर चले गए. डॉक्टरों को ठेके पर रखा जाता है और समय पर वेतन भी नहीं मिलता. दो साल से बिल क्लीयर नहीं हो रहे. यह नहीं कहूंगा कि मुख्य सचिव काबिल नहीं हैं, लेकिन ज़िम्मेदारी तो उन्हीं की है. 

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वहीं, दिल्ली की किराड़ी विधानसभा से विधायक ऋतुराज झा ने अपने विधानसभा क्षेत्र में अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू न होने पर नाराजगी जाहिर की और संजय गांधी अस्पताल में व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े किए.  

ऋतुराज झा ने सदन में कहा कि किराड़ी विधानसभा में 8 लाख की आबादी है और हेल्थ सर्विस ज़ीरो है. हॉस्पिटल के लिए डीडीए से 10 फ़रवरी 2021 को जमीन अलॉट हुई. सितम्बर 2021 में हॉस्पिटल बनने का काम शुरू हुआ. नज़दीक में संजय गांधी अस्पताल है, जो दिल्ली का सबसे खराब अस्पताल है क्योंकि वहां क्षमता से 50 गुना ज़्यादा मरीज़ आते हैं. सरकारी अस्पताल गरीबों की जिम्मेदारी है जो झुग्गी झोपड़ी में रहते हैं. किराड़ी में जहां अस्पताल बन रहा वहां बताया गया कि वॉटर लेवल हाई है. सरकार फिर पाइल फार्मेशन से निर्माण करने का फैसला करती है.

इस बात को 2 साल हो गए. वहां भाजपा का डेलिगेशन नौटंकी करने जाता है. हेल्थ सेक्रेटरी से मिला लेकिन काम आजतक शुरू नहीं हुआ. स्वास्थ्य मंत्री और सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं क्योंकि सब्र की हद होती है. किराड़ी को हॉस्पिटल की ज़रूरत है और जल्द से जल्द हॉस्पिटल बनना चाहिए. 

 

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