बीते दिन दिल्ली सर्विस बिल पर राज्यसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली विधानसभा को लेकर हमला बोला था. अमित शाह ने कहा था कि दिल्ली की विधानसभा में तो सत्र ही नहीं बुलाया जाता. देश में यह एक ऐसी विधानसभा है जहां सत्र को कभी खत्म ही नहीं किया जाता. शाह के इस बयान के एक दिन बाद ही दिल्ली सरकार ने दिल्ली विधानसभा का सत्र बुलाया है. दिल्ली सरकार ने 16 अगस्त को विधानसभा का सत्र बुलाया है.
संसद में दिल्ली सर्विस बिल पास होने के बाद पहली बार सत्र बुलाया गया है. सत्र के लिए सभी विधायकों को पत्र लिख कहा गया है कि 16 अगस्त 2023 को 11.00 बजे सदन की बैठक में मौजूद रहें. पत्र में कहा गया है कि विधानसभा के चौथे सत्र के दूसरे भाग की बैठक को अध्यक्ष ने 17 अप्रैल, 2023 को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया था.
बताते चलें कि बीते कल यानी सोमवार को ही गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि देश में दिल्ली संघराज्य क्षेत्र की एकमात्र असेंबली ऐसी है जिसका सत्रावसान ही नहीं होता है. उन्होंने कहा कि 2020 में दिल्ली विधानसभा का एक ही सत्र बुलाया गया, जिसमें 5 बैठकें हुईं. 2021 में भी एक ही बजट सत्र बुलाया गया, जिसमें 4 बैठकें हुईं, 2022 में भी एक ही बजट सत्र बुलाया गया और फिर 2023 में भी अभी तक एक ही बजट सत्र बुलाया गया है.
शाह ने विधानसभा सत्र न बुलाने को लेकर सरकार पर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि ये कैबिनेट की गिनी-चुनी बैठक बुलाते हैं, AIIMS, IIT-Delhi जैसी संस्थाओं के 13 परमिशन को इन्होंने पेंडिंग रखा हुआ था. 5G टेक्नोलॉजी लाने के लिए 2016 में एक अधिनियम बनाया गया, जो देश के सभी राज्यों ने स्वीकार किया पर इन्होंने नहीं किया. शाह ने कहा कि शॉपिंग फेस्टिवल आयोजित करने के लिए विज्ञापन के नाम पर करोड़ों रूपए खर्च कर दिए गए और CAG की रिपोर्ट 2 सालों से दिल्ली विधानसभा में सदन के पटल पर नहीं रखी गई है.
लोकसभा में भी कही थी यही बात
इससे पहले गुरुवार को भी लोकसभा से दिल्ली सेवा बिल पारित हुआ था. तब भी इस बिल पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा था. अमित शाह ने विपक्षी गठबंधन के दलों से सवाल करते हुए पूछा कि क्या आपने कोई ऐसी पार्टी देखी है जिसने अपने राज्य में विधानसभा का सत्र ही नहीं बुलाया हो. शाह ने कहा कि देश में एक असेंबली ऐसी है जिसका सत्रावसान नहीं होता है. शाह ने कहा था कि दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश ऐसा प्रदेश है जिसकी असेंबली हमेशा चालू ही रहती है.