अपनी नाबालिग बेटी का कैंसर का इलाज कराने भारत आए एक उज्बेक नागरिक के साथ हुई बड़ी चोरी का दिल्ली पुलिस ने महज कुछ ही समय में खुलासा कर दिया है. साथ ही चोरी की बड़ी रकम भी बरामद कर ली गई है. इसमें दो बच्चे और उनके पिता पुलिस के हत्थे चढ़े हैं.
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, 15 जनवरी को उज्बेकिस्तान के एक नागरिक ने थाना जामा मस्जिद में e-FIR दर्ज कराई. शिकायतकर्ता गुरुग्राम के एक अस्पताल में अपनी बेटी का कैंसर का इलाज करवा रहा था और परिवार के साथ जामा मस्जिद घूमने आया था. सुरक्षा कारणों से वह अपने होटल में पैसे छोड़ने के बजाय 7200 अमेरिकी डॉलर (करीब 6 लाख रुपये से अधिक) अपने स्लिंग बैग में लेकर चल रहा था. भीड़भाड़ का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने उसके बैग से पूरी रकम पार कर दी.
इलाज के पैसे थे, CCTV से पकड़े गए दो बच्चे
मामला एक विदेशी नागरिक और उसकी बेटी की मेडिकल इमरजेंसी से जुड़ा था, इसलिए पुलिस ने इसे संवेदनशील श्रेणी में रखा. घटनास्थल के आसपास के दर्जनों कैमरों को खंगाला गया. सीसीटीवी और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से दो संदिग्ध नाबालिग भाई-बहन (15 और 13 वर्ष) की पहचान हुई. न्यू सीलमपुर इलाके में पुलिस ने कई जगह दबिश दी और दोनों बच्चों को पकड़ लिया गया.
पिता ही निकला जुर्म का मास्टरमाइंड
जांच में जो खुलासा हुआ उसने सबको चौंका दिया. इन मासूम बच्चों से चोरी करवाने वाला कोई और नहीं, बल्कि उनका अपना पिता ही था. वह खुद पर्दे के पीछे रहकर अपने बच्चों से भीड़भाड़ वाले इलाकों में चोरी करवाता था ताकि पुलिस की नजरों से बचा रहे. आरोपी पिता पहले भी लूट के संगीन मामलों में जेल जा चुका है.
पुलिस की बड़ी रिकवरी (98.36% बरामदगी)
दिल्ली पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर उसके पास से और घर से भारी रिकवरी की है. कुल 6500 अमेरिकी डॉलर और शिकायतकर्ता का ATM कार्ड बरामद कर लिया गया है. इसके अलावा चोरी के पैसों से खरीदा गया 48,000 रुपये का कीमती फोन भी पुलिस के हाथ लगा है. कुल मिलाकर चोरी हुई राशि का 98.36% हिस्सा बरामद कर लिया गया है.