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बीजेपी नेता हंसराज हंस को मिली जमानत, इस केस में चल रहा था मुकदमा

कोर्ट ने बाकी आरोपियों सांसद मनोज तिवारी, सांसद प्रवेश वर्मा, सांसद विजेंदर गुप्ता, मनजिंदर सिरसा को अगली तारीख पर आरोप पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए कोर्ट में हाजिर रहने का आदेश दिया है.

हंस राज हंस को मिली जमानत (फाइल फोटो) हंस राज हंस को मिली जमानत (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हंसराज हंस को मानहानि के मामले में मिली जमानत
  • मनीष सिसोदिया ने दर्ज कराया था मुकदमा
  • मनोज तिवारी समेत 6 बीजेपी नेताओं के खिलाफ चल रहा है केस

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बीजेपी नेता हंसराज हंस को मानहानि के एक मामले में 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है. हंसराज हंस शुक्रवार को मानहानि केस मामले में पहली बार कोर्ट में पेश हुए थे. मामले की सुनवाई फिजिकल हियरिंग के माध्यम से ही की गई थी. मानहानि का यह मामला दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनोज सिसोदिया द्वारा हंसराज हंस, मनोज तिवारी समेत 6 बीजेपी नेताओं के खिलाफ कोर्ट में दाखिल किया गया था, अब इस मामले में सभी लोगों को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है.

कोर्ट ने बाकी आरोपियों सांसद मनोज तिवारी, सांसद प्रवेश वर्मा, सांसद विजेंदर गुप्ता, मनजिंदर सिरसा को अगली तारीख पर आरोप पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए कोर्ट में हाजिर रहने का आदेश दिया है. सिसोदिया ने ये याचिका 20 जुलाई, 2019 को दायर की थी. याचिका में कहा गया है कि मनोज तिवारी समेत बीजेपी के 6 नेताओं ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों की कक्षाओं के निर्माण में भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाए हैं. 

सिसोदिया ने मानहानि याचिका में कहा था कि इन नेताओं ने मीडिया में झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की है.

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दरअसल हंसराज हंस, मनोज तिवारी, प्रवेश वर्मा समेत 6 बीजेपी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आम आदमी पार्टी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. बीजेपी नेताओं ने  कहा था कि स्कूल बनवाने की आड़ में  दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त हैं.

मनोज तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि उन्हें आरटीआई से खुलासा हुआ है कि स्कूलों में कमरों के निर्माण के लिए अतिरिक्त 2000 करोड़ रुपए दिए गए थे, जो केवल 892 करोड़ रुपए में बनाए जा सकते थे. इसके अलावा इन सभी स्कूलों के निर्माण के लिए जिन 34 ठेकेदारों को टेंडर दिए गए, उनमें उनके रिश्तेदार भी शामिल थे. मनोज तिवारी के बयान के मुताबिक, यह घोटाला 1108 का करोड़ रुपए का है.


 

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