आजादपुर मंडी के एसोसिएशन मेंबर अनिल मल्होत्रा की माने तो राजधानी दिल्ली में हॉटस्पॉट की संख्या 100 तक पहुंच गई है. एक गली में भी अगर कोरोना का एक मामला आता है तो सरकार उस पूरी गली को हॉटस्पॉट बना देती है.
आजादपुर मंडी में पिछले 1 हफ्ते में 15 से ज्यादा मामले कोरोना पॉजिटिव के आ चुके हैं बावजूद इसके यहां पर काम करने वाले मजदूरों और दुकानदारों की जान जोखिम में डालकर मंडी को चलाया जा रहा है.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
मंडी कारोबारियों की मानें तो हरियाणा ने दिल्ली में बढ़ते मामलों को देखकर सब्जियां भेजनी बंद कर दी हैं. हरियाणा से रोजाना मंडी में हरी सब्जियां आती थीं लेकिन सब्जियों के ना आने से 20 प्रतिशत मंडी में दाम कम हो गए हैं. कारोबारियों का मानना है कि अगर आजादपुर मंडी को 1 हफ्ते के लिए बंद कर दिया जाए तो दिल्ली में सब्जियों की आपूर्ति ओखला नरेला मंडी से भी हो सकती है.
व्यापारी खुद बंद कर रहे अपनी दुकान
अनिल मल्होत्रा का ये भी कहना है कि सरकार के पास ना तो कोई प्लान है और ना ही मंडी को किसी और खुले इलाके में चलाने की व्यवस्था. यही वजह है कि जिसके कारण व्यपारी खुद अपनी दुकानों को बंद कर दे रहे हैं जिससे संक्रमण गलियों और मोहल्लों तक ना पहुंचे.
देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें
दरअसल व्यापारियों का तर्क है कि गलियों और कॉलोनियों में जो सब्जी वाले सब्जी बेचने के लिए आते हैं वह मंडियों से ही सब्जी खरीदते हैं. अगर उनमें कोरोना संक्रमण हुआ तो वह गली और कॉलोनी के लोगों को भी अपनी चपेट में ले सकते हैं जो काफी खतरनाक होगा.
किसानों को करना पड़ रहा 2 दिन का इंतजार
मंडी में आलम कुछ ऐसा है कि दूसरे राज्यों से सब्जी और फल बेचने आने वाले किसानों को 2 दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है. अपनी गाड़ियों को खाली करने पर कारोबारी मंडी में मौजूद नहीं है, ऐसे में वह अपना माल नहीं भेज पा रहे हैं. किसानों की मानें तो पहले वह अपनी गाड़ी 2 घंटे में खाली कर दिया करते थे लेकिन अब काफी वक्त लग रहा है.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
मंडी में स्वास्थ्य सेवाओं की नहीं है तैयारी
मंडी कारोबारियों की मानें तो फल और सब्जी मंडी में सरकार की तरफ से कारोबारियों और उनके अंडर काम करने वाले मजदूरों कि कोई भी स्वास्थ्य सेवा को लेकर कोई तैयारी नहीं है. ना इन दुकानदारों का टेस्ट किया जा रहा है और ना ही मजदूरों का. ऐसी स्थिति तब है जब एक दुकानदार की कोरोना वायरस से मौत हो चुकी है और कई व्यपारी संक्रमित हो चुके हैं.