दिल्ली सरकार की 'मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना' के तहत पहली ट्रेन को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार सफदरजंग रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाई. दिल्ली सरकार ने राजधानी में रहने वाले बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्रा योजना की शुरुआत की है.
इसके तहत शुक्रवार को दिल्ली के अलग-अलग विधानसभाओं में रहने वाले 1000 बुजुर्गों का पहला जत्था अमृतसर और आनंदपुर साहिब की तीर्थयात्रा के लिए रवाना हुआ. शुक्रवार को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुजुर्गों को लेकर जाने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत हर साल 77000 बुजुर्गों को पांच अलग-अलग रूट पर तीर्थ यात्रा के लिए भेजा जाएगा. इसमें उनके आने-जाने, रहने-खाने का सारा खर्चा दिल्ली सरकार वहन करेगी.
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के पहले जत्थे के शुभ प्रस्थान के मौके पर ट्रेन में श्रद्धालुओं से मिलते व अभिवादन स्वीकार करते मुख्यमंत्री @ArvindKejriwal व उप मुख्यमंत्री @msisodia#दिल्ली_का_श्रवण_कुमार pic.twitter.com/WOeUj8h6Wi
— AAP (@AamAadmiParty) July 12, 2019
इतना ही नहीं, अगले हफ्ते 1000 बुजुर्ग तीर्थयात्रियों का दूसरा जत्था वैष्णो देवी की यात्रा के लिए रवाना होगा. जिसमें खुद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अपने परिवार के साथ शामिल होंगे. दिल्ली सरकार ने तीर्थयात्रियों के लिए जो रूट तय किए हैं. उनमें अमृतसर आनंदपुर साहिब वैष्णो देवी और हरिद्वार ऋषिकेश जैसे हिंदुओं के लिए मशहूर तीर्थ स्थल शामिल हैं.
राजधानी में रहने वाले बुजुर्गों के लिए श्रवण कुमार बने अरविंद केजरीवाल की इस योजना को दिल्ली में अगले साल होने वाले चुनावों से भी जोड़कर देखा जा रहा है. बीजेपी कई बार अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर अल्पसंख्यकों के तुष्टीकरण का आरोप लगाती रही है तो वहीं अरविंद केजरीवाल ने हिंदू और सिख तीर्थयात्रियों के लिए इस योजना को लाकर बीजेपी के आरोपों को काटने की कोशिश की है.
बता दें कि तीर्थ यात्रा योजना की रूपरेखा साल 2018 में तैयार की गई थी और इसी साल इस योजना को अरविंद केजरीवाल की कैबिनेट ने मंजूरी दी थी. दिल्ली की सभी 70 विधानसभाओं में से बुजुर्गों को हर साल ऐसी यात्राओं के लिए चुना जाएगा. जो बुजुर्ग शारीरिक रूप से कमजोर है, वह अपने साथ परिवार के एक सदस्य को इस यात्रा पर ले जा सकेंगे. इस यात्रा के लिए पहले स्लीपर क्लास ट्रेन का चयन किया गया था, जिसे बाद में बदल कर एसी थर्ड टियर में अपग्रेड किया गया.