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दिल्ली अग्निकांड: 43 लोगों की कब्रगाह बनी फैक्ट्री का मालिक रेहान गिरफ्तार, भाई हिरासत में

दिल्ली के रानी झांसी रोड बाजार स्थित एक फैक्ट्री में रविवार को आग लगने से कम से कम 43 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं. बिल्डिंग मालिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

बैग फैक्ट्री का मालिक गिरफ्तार बैग फैक्ट्री का मालिक गिरफ्तार

  • फैक्ट्री में आग से अब तक 43 लोगों की मौत
  • बिल्डिंग मालिक रेहान को पुलिस ने किया गिरफ्तार

दिल्ली रानी झांसी रोड स्थित जिस फैक्ट्री में आग लगी थी, उसके मालिक रेहान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. बैग फैक्ट्री में लगी आग से कम से कम 43 लोगों की मौत  हो गई है, वहीं कई अन्य गंभीर रूप से जख्मी बताए जा रहे हैं. पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के भाई को भी हिरासत में लिया है. साथ ही फैक्ट्री मालिक के कुछ रिश्तेदारों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है.

दरअसल दिल्ली के रानी झांसी रोड बाजार स्थित एक फैक्ट्री में रविवार सुबह 4.30-5 बजे के आस पास लगी. आग में मारे गए लोग मजदूर हैं. जिस वक्त फैक्ट्री में आग लगी, उस वक्त फैक्ट्री के गेट को बाहर से बंद कर दिया गया था. अंदर मजदूर बाहर आने के लिए गुहार लगा रहे थे. स्थानीय लोगों की मदद से गेट तोड़कर कुछ लोगों को बाहर निकाला गया. फिर दमकल विभाग की 30 से ज्यादा गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची.

आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है. इस बिल्डिंग में किसी भी तरह के सुरक्षा नियामकों का ध्यान नहीं रखा गया था, न ही बिल्डिंग मालिक ने एनओसी के लिए फायर बिग्रेड की क्लियरेंस ली थी. साथ ही एमसीडी को भी इसकी जानकारी नहीं थी.

दिल्ली अग्निकांड मामले में अब तक दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है. बिल्डिंग मालिक रेहान के साथ-साथ ही मैनेजर फुरकान को भी गिरफ्तार किया गया है. बिल्डिंग मालिक के भाई शान और इमरान को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. बिल्डिंग जिनको किराए पर फैक्ट्री चलाने के लिए दी गई थी उनकी भी तलाशी की जा रही है. पुलिस के मुताबिक बिल्डिंग का कुछ ही हिस्सा रेहान के पास था जो उसने किराए पर नहीं दिया था.

बाहर से लॉक था लोहे का दरवाजा

घटना के बारे में फायर सेफ्टी अधिकारी ने 'आजतक' को बताया कि जिन लोगों को बचाया गया, उनमें ज्यादातर बेहोशी की हालत में थे, कुछ जख्मी भी थे. 500-600 गज के फ्लोर एरिया में यह फैक्ट्री चल रही थी जिसमें ग्राउंड से ऊपर चार मंजिल बनी थी. इसमें कई तरह की फैक्ट्रियां चलती थीं. बिल्डिंग में स्कूल बैग बनाने और पैकिंग का काम होता था.

हादसे पर सियासत

दिल्ली भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के अध्यक्ष मनोज तिवारी जहां इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग कर रहे हैं, वहीं आम आदमी पार्टी ने की ओर से कहा जा रहा है कि एमसीडी ने इस बिल्डिंग में सुरक्षा नियामकों का ध्यान क्यों नहीं रखा. आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि जिस फैक्ट्री में आग लगी वो अवैध रूप से चल रही थी, ऐसे में उसे बंद करने या उस पर रोक लगाने की जिम्मेदारी दिल्ली नगर निगम की थी.

मुआवजे का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों को परिजनों को 2-2 लाख रुपये साथ ही घायलों को 50-50 हजार मुआवजा देने का ऐलान किया है. वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया है, साथ ही मृतकों को 10-10 लाख रुपये देने का ऐलान किया है.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल में जाकर पीड़ितों से मुलाकात की. अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि जो भी इस हादसे का दोषी होगा, उसे माफ नहीं किया जाएगा.

नहीं बख्शे जाएंगे दोषी

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पहले दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष मनोज तिवारी, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अनुराग ठाकुर के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे. मनोज तिवारी ने इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की थी. वहीं दिल्ली सरकार का कहना है कि इस मामले में जो भी दोषी होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.

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