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गैंगरेप के विरोध में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष कल से अनिश्चितकालीन अनशन पर

देश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराध चरम सीमा पर है. दिल्ली में एक 8 महीने की बच्ची के साथ बर्बरता से बलात्कार किया गया. उस मासूम की चीखें अभी भी हमारे ज़हन में गूंजती हैं. कठुआ में तो हैवानियत की सब हदें पार कर दी गईं.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालिवाल (फाइल फोटो) दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालिवाल (फाइल फोटो)

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालिवाल ने उन्नाव और कठुआ रेप मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लंबा पत्र लिखा और उनसे अपील की कि महिलाओं की सुरक्षा और दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाएं जाएं और ऐसी नहीं होने तक अनशन करने का ऐलान किया.

देश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग को लेकर मालीवाल कल से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने जा रही है. पीएम मोदी को लिखे पत्र में उन्होंने महिलाओं की दुर्दशा को बयां किया है.

ये है पूरा पत्र...

जैसा कि आप जानते हैं देश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराध चरम सीमा पर है. दिल्ली में एक 8 महीने की बच्ची के साथ बर्बरता से बलात्कार किया गया. उस मासूम की चीखें अभी भी हमारे ज़हन में गूंजती हैं. कठुआ , जम्मू में तो हैवानियत की सब हदें पार कर दी गईं. एक 8 साल की बच्ची के साथ 8 दिन तक सामूहिक बलात्कार किया गया और फिर उसके टुकड़े जंगल में फेंक दिए गए.

उस लड़की का कत्ल करते हुए भी उसके साथ उन जानवरों ने बार-बार बलात्कार किया. सबसे ज्यादा शर्म की बात यह है कि आरोपी को बचाने के लिए स्थानीय नेता एवं बार एसोसिएशन ने धरने प्रदर्शन किए.

खुले में घूम रहा आरोपी विधायक

उन्नाव में एक नाबालिग के पिताजी का पुलिस और नेताओं ने मिलकर कस्टडी में सिर्फ इसलिए बेरहमी से कत्ल किया क्योंकि उन्होंने स्थानीय बाहुबली विधायक द्वारा अपनी बेटी के रेप के खिलाफ आवाज उठाई. आज भी वह आरोपी विधायक मज़े से खुला घूम रहा है. देश भर से ऐसी दिल दहलाने वाली खबरें लगातार आ रही हैं.

उस 8 महीने की बच्ची या उस 8 साल की बच्ची के दर्द की कल्पना भी करती हूं तो रूह कांप जाती है. दिल्ली महिला आयोग पिछले 2.5 साल से आपसे गुहार लगा रहा है कि देश में एक ऐसा सिस्टम बनाएं जिसमें जो भी छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार करे, उसे 6 महीने में फांसी की सज़ा दी जाए.

इस मांग के लिए देश भर से 5.5 लाख पत्र इक्कट्ठा करके भी हमने आपको भिजवाए थे. पर मैं बहुत दुख महसूस करती हूं कि हमारे देश के प्रधान सेवक इस सम्वेदनशील मुद्दे पे कार्य करना तो दूर बोलना भी उचित नही समझते. क्या इन बेटियों का दर्द सच में आप महसूस नहीं कर पा रहे? क्या ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’सही में आपके लिए कोई मायने नहीं रखता?

रेप कैपिटल बनी दिल्ली

दिल्ली देश की राजधानी पूरे विश्व में रेप कैपिटल के नाम से बदनाम है. क्या इस बात की आपको ज़रा भी चिंता नही है? 6 महीने के अंदर महिलाओं और बच्चों के यौन शोषण के केस में सख्त सजा हो, इसके लिए आपको पुलिस के संसाधन और जवाबदेही कई गुना बढ़ाने पड़ेगे. 10 साल से दिल्ली पुलिस केंद्र के कदमो में गिर के 66,000 पुलिस कर्मी की मांग कर रही है. पर किसी के कान पे जूं नही रेंग रही!

हर पुलिस स्टेशन आधे स्टाफ पर काम कर रहा है जिसका सीधा खामियाज़ा जनता भुगत रही है. गली नुक्कड़ पे मनचले खड़े रहते हैं, महिलाओं और बच्चियों को छेड़ने के लिए. दिल्ली पुलिस आज सिर्फ VIP की ड्यूटी कर पा रही है, जनता की ड्यूटी करने में असमर्थ है. यही हाल पूरे देश की पुलिस का है.

राजधानी क्राइम का अड्डा बनी

साथ ही पुलिस की जवाबदेही तो वारे न्यारे है. आज देश की राजधानी क्राइम का अड्डा बन गई है. मानव तस्करी और अवैध शराब और ड्रग्स के धंधे चलाने वाले लोग पुलिस की मिलीभगत से फल-फूल रहे हैं. 10 साल से देश भर की पुलिस की कार्यशाली को सुदृढ़ करने के लिए जो सॉफ्टवेयर केंद्र द्वारा तैयार किया जा रहा है, वो तक आज तक नही बना. पुलिस रिफार्म के नाम पर भी कुछ भी नहीं हुआ है.

फॉरेंसिक लैब और फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट की भारी कमी के कारण बच्चियों और महिलाओं का रेप सिस्टम द्वारा ही बार-बार होता रहता है. न्याय की आस में आज भी देश में लाखों निर्भया टकटकी लगा के बैठी हैं. देश की बहादुर बेटी निर्भया के नाम पे जो निर्भया फंड बना था आज वो भी उपयोग नहीं हो पा रहा है. निर्भया के कातिल भी अभी तक जिंदा हैं. क्या इस फंड से ऐसा सिस्टम नहीं बनना चाहिए कि बलात्कारियों को कड़ी सज़ा दिलाई जा सके?

जबसे हमने ‘रेप रोको’मुहीम छेड़ी है, तब से कुछ राज्यों ने अपनी विधान सभा में ऐसे कानून पारित किए हैं जिनमें छोटे बच्चों के बलात्कारियों को फांसी की सज़ा देने का प्रावधान है. मैं इसे अच्छे कदम मानती हूं पर जब तक पुलिस के संसाधन, जवाबदेही एवं फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट्स नही बढ़ाए जाएंगे ये कानून सिर्फ कागज़ के टुकड़े बन के रह जाएंगे.

आप हम सबके प्रधानमंत्री हैं. आप के लिए ऐसा माना जाता है कि आप अपना काम निष्ठा से करते हैं. फिर महिलाओं और बच्चों का हित आप कैसे अनदेखा कर सकते हैं? क्या आपको उनकी खून में लथ पथ चीखें नही सुनाई देती? क्या सिस्टम की चकाचौंध में आपको देश के लोगों की मन की बात बिल्कुल नही सुनाई दे रही?

मोदी से ली प्रेरणा

आज आप देश के लोकतंत्र को सुदृढ़ करने के लिए एक दिन का अनशन कर रहे हैं. लेकिन देश का लोकतंत्र कैसे सुदृढ़ होगा, अगर महिलाएं और बच्चियां लुटती रहेंगी? मैं आपसे अपील करती हूं कि आप अपने अनशन के दौरान उस 8 महीने की दिल्ली की बच्ची, 8 साल की कठुआ की लड़की और उन्नाव की बलात्कार पीड़िता और उनके स्वर्गवासी पिता के बारे में ज़रूर सोचें.

आपसे अपील है कि आज ही यह सुनिश्चित करें कि उत्तर प्रदेश के आरोपी विधायक (जिसको इस वक़्त पूरी उत्तर प्रदेश सरकार बचा रही है), उसकी गिरफ्तारी हो एवं पीड़ित लड़की और उसके परिवार की सुरक्षा तय हो. साथ ही कठुआ की 8 साल की मृत रेप पीडिता के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों को सख्त सज़ा दिलाई जाए. आप से गुजारिश है कि आप देश की महिलाओं के हित में निर्णायक कदम उठाएं.

मुझसे बलात्कार पीड़िताओं का सिस्टम द्वारा बलात्कार नहीं देखा जाता. पूरा देश मानता है कि दिल्ली महिला आयोग ने कुछ ही समय में अद्भुत काम किया है. हमने दिन रात मेहनत करके सैकड़ों महिलाओं और बच्चों की मदद की है. पर जब तक व्यवस्था परिवर्तन नहीं होगा तब तक बलात्कारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही नहीं होगी, तब तक कैसे बदलाव होगा? रोज़ कठुआ, उन्नाव और निर्भया कांड होंगे और हम सब मूर्क दर्शक बनके देखेंगे. मैं ऐसा नहीं कर सकती.

आपके अनशन से प्रेरणा लेकर मैंने दृढ़ संकल्प लिया है कि कल से मैं अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठूंगी. जब तक आप देश की बेटी बचाने के सही उपाय देश के सामने नही रखेंगे मैं पूर्ण अनशन पर रहूंगी.

आपसे गुज़ारिश है कि देश के 5.5 लाख लोगों के पत्र जो हमने आप तक पहुंचाए, उन्हें पढ़ें और ऐसा सिस्टम बनाएं जिससे छोटे बच्चों के बलात्कारियों को हर हाल में 6 महीने में फांसी हो एवं महिलाओं के खिलाफ यौन शोषण के मामलों में 6 महीने में सुनवाई खत्म कर दोषी को सख्त सजा मिले. साथ ही उन्नाव की बेटी और कठुआ की बेटी को इंसाफ दिलाएं.

कहते हैं सच्चे मन से अत्याचार के खिलाफ किए हुए अनशन में बहुत शक्ति होती है. गांधी जी और भगत सिंह के अनशन के द्वारा हमारा देश आजाद हुआ है. मैं आशा करूंगी की आप अपनी बेटी की तपस्या जाया नहीं होने देंगे.

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