
Delhi Weather Update: आमतौर पर हर साल मकर संक्रांति के बाद सर्दी कम होने लगती है लेकिन इस बार पारा और कोहरा दोनों जिद पर अड़ गए हैं. पहाड़ों से लेकर मैदानों तक सर्दी के सितम के आगे लोगों ने सरेंडर कर दिया है. ये ठंड अभी और सताने वाली है. दिल्ली में आज यानी 18 जनवरी को भी सुबह की शुरुआत शीतलहर के कहर से हुई.
शीतलहर के साथ दिल्ली में गलन बढ़ी है तो वहीं पाला भी पड़ रहा है. वसंत कुंज इलाके में पेड़ों की पत्तियों और झाड़ियों पर बर्फ की तरह सफेद परत दिखाई दी. तापमान की बात की जाए तो दिल्ली के लोधी रोड इलाके में आज (बुधवार), 18 जनवरी को न्यूनतन तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस और सफदरजंग में 2.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हालांकि, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से कल से तापमान में मामूली बढ़त देखने को मिल सकती है. इसके साथ ही हल्की बारिश हो सकती है. लेकिन अगले कुछ दिन में दिल्ली को ठंड और कोहरे के बाद बारिश की मार भी झेलनी पड़ेगी.
मौसम विभाग के मुताबिक, दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने वाले हैं. पहला वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 18 जनवरी की रात को सक्रिय हो जाएगा, जिससे कल, 19 जनवरी को दिल्ली के तापमान में बढ़त के साथ हल्की बारिश हो सकती है. वहीं, दूसरा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 21 जनवरी से 25 जनवरी तक रहेगा. जिसका व्यापक असर देखा जा सकता है.
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से बदलता है मौसम, जानें तापमान पर क्या पड़ता है असर
21 से 25 जनवरी तक एक्टिव रहेगा पश्चिमी विक्षोभ
दिल्ली में सर्दी के सीजन की पहली बारिश का अनुमान जताया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक, 21 से 25 जनवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा और इसकी वजह से दिल्ली में इस मौसम की पहली बारिश होगी. यही नहीं दिल्ली में पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलाएंगे. दिल्ली के अलावा यूपी, उत्तराखंड, जम्मू, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा में भी बारिश का अनुमान है यानी प्रचंड ठंड के बाद बारिश की मार पड़ने वाली है.
दिल्ली में कितना रहेगा तापमान?

बारिश के साथ ओले की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से पश्चिम के हिमालयी क्षेत्रों में 21 जनवरी की सुबह से 25 जनवरी के बीच
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा. इसकी वजह से 23 और 24 जनवरी को दिल्ली में बारिश का अनुमान है. दिल्ली के अलावा जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी बारिश हो सकती है.
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इसके अलावा दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अभी अनुमान जताया जा रहा है. 23-24 जनवरी को मौसमी गतिविधियां चरम पर रह सकती हैं. इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ का असर 25 जनवरी तक जारी रह सकता है.
दिल्ली में इस सर्दी के मौसम में अब तक कोई बारिश दर्ज नहीं की गई है. मौसम विभाग ने इसके लिए नवंबर और दिसंबर में मजबूत पश्चिमी विक्षोभ की कमी को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं, पिछले साल, जनवरी में शहर में 82.2 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जो 1901 के बाद से इस महीने में सबसे अधिक है. दिल्ली में इसी सप्ताह साल की पहली बारिश होने की संभावना है.
आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 5 से 9 जनवरी तक भीषण शीतलहर देखी गई, जो पिछले 10 साल में दूसरी सबसे लंबी अवधि है. इसके साथ ही इस महीने में अब तक 50 घंटे से अधिक घना कोहरा दर्ज किया गया है, जो 2019 के बाद सबसे अधिक है.