केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में पारदर्शिता को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई है. सोमवार को न्यायमूर्ति सी हरिशंकर ने खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग कर लिया. जस्टिस सी हरिशंकर के खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग कर लेने के बाद दूसरे जज की बेंच में 30 जून को सुनवाई होगी.
दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें कोर्ट से मांग की गई है कि वे स्कूलों को निर्देश दें कि रिजल्ट जारी करने से पहले अपने स्कूल की वेबसाइट पर इंटरनल असेसमेंट से तैयार रेशनल डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें. यह याचिका जस्टिस फॉर ऑल ने वकील शिखा शर्मा बग्गा और खगेश बी झा के माध्यम से दायर की है. याचिकाकर्ता संगठन ने अदालत से 10वीं कक्षा के छात्रों के मूल्यांकन में पारदर्शिता लाने के लिए स्कूलों की ओर से छात्रों के रेशनल डॉक्यूमेंट वेबसाइट पर अपलोड करने की मांग की है.
याचिकाकर्ता संगठन के मुताबिक इससे यह संभव होगा कि छात्र इन डॉक्यूमेंट्स को एक्सेस कर सकेंगे और कोई समस्या होने पर बोर्ड के सामने अपनी शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे. इस याचिका पर जस्टिस सी हरिशंकर की बेंच को ही सुनवाई करनी थी लेकिन उन्होंने इस मामले की सुनवाई से अपने आपको अलग कर लिया. जस्टिस हरिशंकर ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लेने के पीछे निजी कारणों को वजह बताया है.
गौरतलब है कि कोरोना वायरस की महामारी के कारण सीबीएसई ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द करने का ऐलान किया था. सीबीएसई ने सभी छात्रों को बगैर परीक्षा के ही अगली कक्षा में प्रमोट करने का ऐलान किया था.