आबकारी नीति मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट से आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी किए जाने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है. फैसले के कुछ घंटों के भीतर दिल्ली बीजेपी ने एक आक्रामक पोस्टर जारी कर राजनीतिक हमला बोला.
पोस्टर में केजरीवाल की तस्वीर के साथ बड़े अक्षरों में लिखा है- AAP के पाप अभी धुले नहीं हैं.' नीचे तीन बिंदु लिखे गए हैं- 'यह लोअर कोर्ट का फैसला है, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट बाकी है', 'मनी लॉन्ड्रिंग का मामला अभी लंबित है' और 'अन्य कई घोटालों में भी आप आरोपी हैं.'
इसके अलावा दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि अदालत ने इस चरण पर सबूतों की कमी का उल्लेख किया है, लेकिन जांच एजेंसी ने बार-बार साक्ष्य नष्ट किए जाने का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि कथित तौर पर नष्ट किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद नहीं हो सके. साथ ही संकेत दिया कि जांच एजेंसी आदेश के खिलाफ अपील पर विचार कर रही है.
सचदेवा ने आबकारी नीति को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि यदि नीति सही थी तो जांच शुरू होते ही उसे वापस क्यों लिया गया? ठेकेदारों का कमीशन 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत क्यों किया गया? ‘बाय वन, गेट वन फ्री’ जैसी योजना का उद्देश्य क्या था? उन्होंने आरोप लगाया कि इन फैसलों का सामाजिक प्रभाव पड़ा.
बीजेपी ने यह भी कहा कि अदालत का फैसला इस स्तर तक सीमित है और कानूनी प्रक्रिया अभी लंबी है. सचदेवा ने केजरीवाल पर राजनीतिक नाटकीयता का आरोप लगाते हुए कहा कि मीडिया में उनकी मौजूदगी सहानुभूति बटोरने की कोशिश है. उन्होंने कहा, 'सत्य की अंतिम स्थापना पूरी न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी.'