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ट्विटर पर ट्रेंड हुआ बाबा का ढाबा, 'मटर पनीर' का जायका लेने टूट पड़े दिल्ली वाले

दिल्ली का बाबा का ढाबा अब पूरे देश में अपनी पहचान बना चुका है. ट्विटर और सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म पर इन बाबा की कहानी हर किसी के चेहरे पर मुस्कान ला रही है. 

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24 घंटे में चेहरे पर आई मुस्कान 24 घंटे में चेहरे पर आई मुस्कान
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बाबा का ढाबा
  • दिल्ली के बुजुर्ग का वीडियो हुआ वायरल
  • आप विधायक समेत कई लोगों ने की मदद

सोशल मीडिया में काफी ताकत है, एक ही दिन में ये किसी को भी फर्श से अर्श और वापस अर्श से फर्श पर पहुंचा सकता है. बीते दिन दिल्ली में कुछ ऐसा हुआ कि एक दिन में एक इंसान की ज़िंदगी बदल गई. दिल्ली के मालवीय नगर में छोटा सा ढाबा चलाने वाले एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वो बिक्री ना होने, काम में मुश्किल की बात करते वक्त भावुक हो गए.

लेकिन 24 घंटे के अंदर ही ये वीडियो इतना वायरल हुआ कि लोग खुद उनकी मदद के लिए पहुंच गए.

वीडियो सामने आने के बाद  सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ ढाबे पर नजर आई. आलम यह हुआ कि 11:00 बजते-बजते ढाबे का सारा खाना खत्म हो गया. ढाबे पर खाना खाने वाले लोग बाबा के साथ फोटो खिंचवाते नज़र आए. हर कोई बाबा के ढाबे से खाना पैक करवाकर घर लेकर जाता दिखा. बाबा के चेहरे पर आज कुछ अलग ही खुशी थी. जिस बाबा की आंखों में कल तक आंसू थे, वो आज खुशी में तब्दील हो गए हैं. खिलखिलाते चेहरे के साथ बाबा कांता प्रसाद ने कहा भगवान का शुक्रिया ओर गौरव जिसने मेरा दर्द देश के सामने रखा उसका भी. बाबा ने बताया कि वह पिछले 30 साल से ढाबा चलाते हैं. कभी इतने लोग नहीं आए.   

बाबा ने बताया इस ढाबे से अपने बच्चों का पेट भरते हैं लेकिन उनके बच्चे भी उनकी मदद नहीं करते. 80 साल के कांता प्रसाद और उनकी पत्नी बदामी देवी दोनों मिलकर काम करते हैं. कोरोना काल की वजह से उनका ढाबा बंद हो गया था और जब अनलॉक हुआ तो कोरोना के डर से लोग उनके ढाबे पर खाना खाने से बच रहे थे. इस कारण उनका गुजर-बसर नहीं हो पा रहा था. 

आजतक से बातचीत करते हुए रो पड़ीं बादामी देवी
कांता प्रसाद की पत्नी बादामी देवी, आजतक से बात करते हुए रो पड़ीं और अपनी नम आंखों से पूरे देश का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि उम्मीद करती हूं जितना प्यार लोगो ने एक दिन में मुझे दिया है, उतना ही प्यार हर किसी को मिले. साथ ही जैसी भीड़ आज लगी है प्रत्येक रोज लगे, जिससे उनका परिवार का पेट भर सके.  

बाबा की पत्नी कहती हैं कि उनके एक बेटे और बेटी हैं लेकिन कोई भी ढाबे पर उनकी मदद के लिए नहीं आते हैं. वो इसी ढाबे पर काम कर अपने बच्चों का पेट पालते हैं. इसके अलावा अपनी बेटी और अपनी नाती का भी खर्चा चलाते हैं.

बाबा के ढाबे पर आर्थिक मदद करने के लिए  क्या बुजुर्ग, क्या जवान, क्या अमीर ओर क्या गरीब, हर कोई बाबा के ढाबे पर मदद करने पहुंचा. कोई बड़ी गाड़ी से उतरकर बाबा की झोली में पैसों का लिफाफा दे रहा था तो कोई राशन. कोई बाबा के अकाउंट नंबर पर पैसे ट्रांसफर करने के लिए एकाउंट नंबर मांगता नजर आया. 

बाबा की मदद करने पहुंचे जिम संचालक सोनू ने कहा कि वे वायरल वीडियो देखकर सुबह-सुबह ढाबे पर पहुंचे, लेकिन तब तक खाना खत्म हो चुका था. सोनू ने बताया की यह हालत देखकर उनका दिल दुखी हुआ और उन्होंने अपने जिम में आने वाले तमाम ट्रेनर ओर स्टाफ से कहा है कि वो बाबा के ढाबे पर दिन में एक बार जरूर जाएं. 

मालवीय नगर में रहने वाले आकाश के मुताबिक उन्होंने जैसे ही वायरल वीडियो देखा अपने दोस्तो के साथ बाबा के ढाबे पर खाना खाने पहुंच गए. वो सुबह 9:00 बजे ढाबे पर पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि खाना खाकर ऐसा लगा मानो घर का खाना ही खा रहे हों.

बाबा की मदद के लिए आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती और निगम पार्षद नम्रता ने भी हाथ बढ़ाया है. 


कैसे हुआ 24 घंटे में कमाल?
मालवीय नगर में हनुमान मंदिर के सामने बुजुर्ग दंपति अपना एक छोटा सा ढाबा चलाते हैं. इन्हीं का एक वीडियो वसुंधरा नाम के ट्विटर यूजर ने बीती शाम को साझा किया था, लेकिन ये वीडियो देखते ही देखते 10 लाख से अधिक लोगों ने देख लिया. 


वीडियो में बुजुर्ग अपनी हालत बयां करते हुए रो जाता है और जिसमें वीडियो शूट करने वाला उनके खाने की तारीफ करता है और लोगों को यहां आने की अपील करता है. वीडियो वायरल होने के बाद से ही अब यहां लोगों का तांता लगा है. 


सोमनाथ भारती की ओर से ‘बाबा के ढाबा’ पर जरूरी सामान दिया गया. साथ ही अब कई लोग इस जगह पर खाने और साथ ही साथ हाथ बंटाने के लिए पहुंच रहे हैं. ट्विटर और सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म पर इन बाबा की कहानी हर किसी के चेहरे पर मुस्कान ला रही है. 

 

 

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