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ई-रिक्शा मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल ने दी आंदोलन करने की चेतावनी

आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर ई-रिक्शा चालकों के लिए 'कुछ नहीं करने’ का आरोप लगाया.

अरविंद केजरीवाल अरविंद केजरीवाल

आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर ई-रिक्शा चालकों के लिए 'कुछ नहीं करने’ का आरोप लगाया. केजरीवाल ने केंद्र सरकार से इस मुद्दे का हल करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि 10 से 15 दिनों के अंदर ऐसे वाहन चलने लगें. इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर वे आंदोलन शुरू करेंगे.

राष्ट्रीय राजधानी में ई-रिक्शों को नियमित करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना की ‘खामियों’ को दर्शाते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि इससे एक भी ई-रिक्शा चालक को फायदा नहीं हुआ. केजरीवाल ने यहां जंतर मंतर पर ई-रिक्शा चालकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘सड़कों पर वाहन चलाने के लिए किसी भी ई-रिक्शा चालक को चार चीजों को पूरा करने की जरूरत होगी. मॉडल किसी सरकारी एजेंसी द्वारा स्वीकृत हो. चालक को ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करना होगा लेकिन उसे दसवीं पास होना होगा. इसके साथ ही बीमा और किसी अन्य वाणिज्यिक वाहन के समान रजिस्ट्रेशन नंबर लेना होगा.’

उन्होंने कहा कि इस नीति में कई खामियां हैं. अगर कोई व्यक्ति अपने ई-रिक्शा की मंजूरी और जांच के लिए जाता है, तो इसमें करीब पांच लाख रुपये का खर्च आएगा. जो व्यक्ति वाहन खरीदने के लिए 80 हजार रुपये से एक लाख रुपये के बीच खर्च कर चुका हो, जांच के लिए पांच लाख रुपये कैसे वहन कर सकता है.

केजरीवाल ने कहा, ‘हमें लाइसेंस के प्रावधान पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन शिक्षा की सीमा को हटाया जाना चाहिए क्योंकि कई चालक अशिक्षित हैं.’

केजरीवाल ने मांग की कि केंद्र सरकार को सभी ई-रिक्शा निर्माताओं की एक हफ्ते के अंदर बैठक बुलानी चाहिए और उन्हें अपने हर मॉडल का एक एक वाहन सौंपने के लिए कहना चाहिए जिनका परीक्षण किया जा सके. अगर ई-रिक्शा को मंजूरी मिलती है तो उस मॉडल के सभी वाहनों को सड़कों पर चलाने की अनुमति दी जानी चाहिए.

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