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दिल्ली: LG ने गेस्ट टीचर्स को बताया था घोस्ट टीचर्स! अब जांच रिपोर्ट से हुआ ये खुलासा, तो भड़की AAP सरकार

AAP विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले साल, सितंबर 2022 में एलजी विजय सक्सेना ने सभी अखबारों और टेलीविजन चैनलों पर एक खबर चलवाई और कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में जो गेस्ट टीचर्स हैं, उसमें बड़ा घोटाला हो रहा है. यह गेस्ट टीचर्स ‘घोस्ट टीचर्स’ हैं. विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एलजी ने करीब 16 हजार गेस्ट टीचर्स और दिल्ली सरकार के ऊपर एक बहुत बड़ा इल्जाम लगाया गया है.

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आम आदमी पार्टी सरकार ने जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए उपराज्यपाल पर निशाना साधा है. दरअसल, LG ने केजरीवाल सरकार पर आरोप लगाया था कि दिल्ली में गेस्ट टीचर्स की भर्ती में अनियमितता हुई है. अब केजरीवाल सरकार में शिक्षा मंत्री ने दावा किया है कि उपराज्यपाल द्वारा इसपर कराई गई जांच में केजरीवाल सरकार की ईमानदारी का सबूत मिला और साफ़ हो गया कि एलजी का ये आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत है. 

शिक्षा मंत्री राज कुमार आनंद ने साझा किया कि उपराज्यपाल द्वारा ये आरोप लगाया गया था कि शिक्षा विभाग द्वारा गेस्ट टीचर्स की भर्ती में अनियमितता थी. और इसके बाद एलजी ने दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ाने वाले गेस्ट टीचर्स का अपमान करते हुए उन्हें घोस्ट टीचर कहा था. उनका आशय था की बड़ी संख्या में गेस्ट टीचर हैं ही नहीं.

राजकुमार आनंद ने कहा कि, 'अपनी इस मनगढ़ंत कहानी को सच साबित करने के लिए उपराज्यपाल ने जांच कराई . अभी उस जांच की रिपोर्ट आई है जिसने ये साबित कर दिया है कि एलजी का ये आरोप भी पूरी तरह से मनगढ़ंत था और निराधार थे. जांच में साफ़ हो गया जो गेस्ट शिक्षकों नियुक्त है वो न सिर्फ़ क्वालिफाइड हैं बल्कि उनकी रोज़ की उपस्थिति बायोमेट्रिक के द्वारा ऑनलाइन मार्क होती है

16600 गेस्ट टीचर्स के डाक्यूमेंट्स वेरिफ़ाई किए गए
इस जांच में दिल्ली सरकार के स्कूलों में पोस्टेड 16600 गेस्ट टीचर्स के डाक्यूमेंट्स वेरिफ़ाई किए गए और सिर्फ़ 109 को छोड़ को छोड़कर किसी में केस में कोई भी कमी नहीं पायी गई है. उन्होंने कहा की 109 शिक्षक के केस ऐसे हैं जिनके डॉक्यूमेंट में छोटी-मोटी कमियां हैं. इन शिक्षकों को शिक्षा विभाग की ओर से अपने काग़ज़ात जमा कराने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है.

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राजकुमार आनंद ने कहा कि उपराज्यपाल द्वारा दिल्ली में शिक्षा क्रांति लाने वाले शिक्षको को घोस्ट ( भूत ) कहना बेहद ही शर्मनाक है. ये सभी शिक्षक दिन-रात मेहनत करके दिल्ली के एजुकेशन मॉडल को विश्व भर में चर्चा का विषय बनाया है और शिक्षा के क्षेत्र में लोग दिल्ली मॉडल का उदाहरण देते हैं, लेकिन उपराज्यपाल शिक्षकों का सम्मान करने के बजाय उनके लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं जो बेहद ही शर्मनाक है.

AAP विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले साल, सितंबर 2022 में एलजी विजय सक्सेना ने सभी अखबारों और टेलीविजन चैनलों पर एक खबर चलवाई और कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में जो गेस्ट टीचर्स हैं, उसमें बड़ा घोटाला हो रहा है. यह गेस्ट टीचर्स ‘घोस्ट टीचर्स’ हैं. यानी उन्हें वेतन तो मिल रहा है, लेकिन यह गेस्ट टीचर्स दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ाने नहीं जाते हैं. एलजी ने कहा कि फंडस का दुरुपयोग हो रहा है. एलजी ने इसे गेस्ट टीचर्स का घोटाला बताकर मीडिया में खबर चलवाई. इतना ही नहीं, एलजी ने खुद एक समिति बनाकर उसकी जांच बैठा दी. करीब पांच महीने से समिति 16 हजार गेस्ट टीचर्स की जांच कर यह पता लगा रही है कि गेस्ट टीचर्स असली हैं या घोस्ट हैं. 

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गेस्ट टीचर्स की बॉयोमेट्रिक ऑनलाइन अटेंडेंस होती है
उन्होंने कहा कि इन सभी गेस्ट टीचर्स की अटेंडेंस चेक कराई गई, इनके कागजात और अकाउंट चेक कराए गए. अंत में यह पाया गया कि सभी टीचर्स जीवित हैं और इसमें कोई भ्रष्टाचार नहीं हो रहा है. इन गेस्ट टीचर्स की बॉयोमेट्रिक ऑनलाइन अटेंडेंस होती है, उन्हें वेरीफाई किया जाता है. स्कूलों के प्रिंसिपल वेरीफाई करते हैं कि ये टीचर्स असली हैं या नहीं. बच्चे खुद सत्यापित करते हैं कि उनके गेस्ट टीचर्स क्लास में हैं या नहीं हैं. ऐसा नहीं हो सकता कि बच्चों का एक हिंदी का टीचर हैं और वो भूत है. अगर हिंदी की कक्षा में कोई टीचर बच्चों को पढ़ाने नहीं आता है, तो यानी भूत क्लास में आता है और चला जाता है. ऐसी बातें खुद एलजी साहब कर रहे हैं. 

सौरभ भारद्वाज का आरोप
विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एलजी ने करीब 16 हजार गेस्ट टीचर्स और दिल्ली सरकार के ऊपर एक बहुत बड़ा इल्जाम लगाया गया है. एलजी की कोशिश यही है कि गेस्ट टीचर्स के ऊपर सवालिया निशान लगाकर इस परंपरा को खत्म कर दिया जाए. यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है. एलजी को दिल्ली के लोगों के लिए कुछ सकारात्मक कदम उठाने चाहिए. मगर एलजी के यहां से मीडिया में सनसनीखेज खबरें देने के लिए दिल्ली सरकार के ऊपर झूठे आरोप लगाए जाते हैं. दिल्ली सरकार के अफसरों पर एलजी की ओर से लगातार आरोप लगते आ रहे हैं. इसका प्रभाव यह है कि इस समय हर विभाग में जांच बैठी हुई है. बिजली, ट्रांसपोर्ट, हेल्थ और पीडब्ल्यूडी सभी जगह जांच बैठा रखी है. एलजी के हिसाब से दिल्ली में हर जगह बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार चल रहा है. क्या इस तरह से कोई सरकार चल सकती है?

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विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एलजी का सिर्फ एक ही काम है कि किसी तरह दिल्ली सरकार के सभी कामों को रोका जाए. क्योंकि अगर अफसरों के ऊपर इतनी जांच बैठा दी जाएगी, तो अधिकारी कोई प्रशासनिक निर्णय लेना भी चाहेगा तो नहीं लेगा. वह सोचेगा कि अगर मैं लोगों के हित में कोई भी निर्णय लूंगा तो एलजी उसके ऊपर जांच बैठा देंगे. जांच एजेंसियां अधिकारियों को प्रताड़ित करेंगी. क्योंकि जब एलजी ऑफिस से यह घोषित कर किया जाता है कि भ्रष्टाचार हो रहा था, तो उस विभाग से जितने भी लोग जुड़े होते हैं, उनके ऊपर भी आरोप लग जाता है कि ये सभी भ्रष्ट हैं. मुझे लगता है कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और एलजी को इसमें थोड़ी नैतिकता दिखानी चाहिए. यह मेरी उनके लिए सलाह है. 

विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एलजी कार्यालय को उसी तरह से प्रेस विज्ञप्ति जारी करनी चाहिए क्योंकि एलजी की पोस्ट कोई राजनीतिक पोस्ट नहीं है. उनकी कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है और न ही उन्हें कोई चुनाव लड़ना है. वे दिल्ली के संवैधानिक प्रमुख हैं. अगर उनके दफ्तर से गलती हुई और गलत तरीके से गेस्ट टीचर्स के ऊपर इल्जाम लगाए गए और वो इल्जाम झूठे पाए गए हैं तो एलजी ऑफिस से प्रेस विज्ञप्ति जारी होनी चाहिए. उसी तरीके से खबर जानी चाहिए कि जो आरोप लगाए गए थे वो झूठे पाए गए. 

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दिल्ली के सरकारी स्कूलों में जो गेस्ट टीचर्स हैं वो घोस्ट नहीं है, वो असली शिक्षक हैं. शिक्षकों की अच्छी तरीके से जांच होने के बाद यह पाया गया कि वो अच्छी तरह से स्कूलों में पढ़ाई करा रहे हैं. इस विषय में आम आदमी पार्टी को प्रेसवार्ता करने की जरूरत नहीं है. मेरी एलजी से यही अपील है कि दिल्ली के संवैधानिक प्रमुख होने के नाते एलजी को इस संबंध में भी एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करनी चाहिए.

AAP प्रवक्ता आतिशी का हमला
AAP प्रवक्ता आतिशी ने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने सितंबर 2022 में एक बयान दिया कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में गेस्ट टीचर नहीं है, घोस्ट टीचर हैं. यानी गेस्ट टीचर्स के नाम पर फर्जी नियुक्तियां हुई हैं और स्कूलों में गेस्ट टीचर्स नहीं हैं, बल्कि घोस्ट कर्मचारियों को तनख्वाह मिल रही है. एलजी ने इस मुद्दे पर खुद अपने अफसरों की जांच बिठाई. आज दिल्ली के शिक्षा निदेशालय की रिपोर्ट ने सारा दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है. एलजी के कहने पर उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जांच करने वाली इस समिति ने आज साबित कर दिया है कि एलजी विनय सक्सेना सरासर झूठ बोल रहे थे. दिल्ली सरकार में एक भी घोस्ट टीचर नहीं हैं.

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विधायक आतिशी ने कहा कि एलजी विनय सक्सेना के आदेश पर एक जांच कमेटी बैठी. उस जांच कमेटी में दिल्ली के हर जिल से शिक्षा विभाग के अफसर थे. दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 16 हजार से ज्यादा गेस्ट टीचर्स पढ़ाते हैं. इन सभी गेस्ट टीचर्स के दस्तावेज, उपस्थिति और इनके प्रतिदिन के टाइम टेबल का सत्यापन किया. इस सत्यापन के बाद यह सामने आया कि सभी 16 हजार गेस्ट टीचर स्कूलों में मौजूद हैं और रोज स्कूलों में जाकर पढ़ाते हैं. हर रोज इन गेस्ट टीचर्स की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराई जाती है. 

विधायक आतिशी ने कहा कि मैं एलजी को कहना चाहूंगी कि आपकी ही जांच समिति ने साबित कर दिया कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पारदर्शी और सिस्टमेटिक तरीके से काम कर रहे हैं, जहां पर हर टीचर्स की ऑनलाइन अटेंडेंस और रोजाना ट्रैकिंग होती है. आज एलजी की जांच समिति ने खुद दिल्ली सरकार और अरविंद केजरीवाल को क्लीन चिट दिया है. साथ ही कहा है कि बहुत शानदार और पारदर्शी तरीके से काम चल रहा था. यह जांच रिपोर्ट यह दिखाती है कि विनय सक्सेना का काम सिर्फ अरविंद केजरीवाल के कामों को रोकना है. 16 हजार टीचर्स के सारे कागजातों को फिर से सत्यापित करने में कितने अफसरों का कितना समय लगा होगा? इससे केवल एक उद्देश्य पूरा हुआ कि जो अफसर काम कर रहे थे, वो अपना काम छोड़कर एलजी के राजनीतिक एजेंडा में लग गए. 

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