आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने शनिवार को दावा किया कि पिछले 10 से 15 दिनों में तीसरी बार दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे पेट्रोल और डीजल करीब 4 से 5 रुपये प्रति लीटर महंगे हो गए हैं. केजरीवाल ने इसे 'धीमा जहर' बताते हुए सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं.
इस संकट के बीच केजरीवाल ने एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मुद्दा उठाया. उनका कहना है कि रूस और ईरान भारत को बेहद सस्ता ईंधन देने के लिए तैयार बैठे हैं, लेकिन केंद्र सरकार इसे लेने से साफ मना कर रही है. फैसले पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने देशवासियों से एक अनोखी अपील की. लोगों से सोशल मीडिया पर कमेंट या डायरेक्ट मैसेज (DM) के जरिए राय मांगी गई है कि भारत को वहां से सस्ता तेल-गैस खरीदना चाहिए या नहीं.
उन्होंने बताया कि अब रसोई गैस भी महंगी हो चुकी है. इसकी वजह से आम आदमी के लिए घर चलाना मुश्किल हो रहा है. लोग इस कदर सदमे में हैं कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आगे कीमतें कितनी बढ़ेंगी. बाजार में अफवाहें उड़ रही हैं कि पेट्रोल 150 रुपए लीटर तक चला जाएगा. मगर हैरानी की बात यह है कि जब जनता इस पर जवाब मांगती है, तो सरकार की तरफ से सिर्फ सन्नाटा मिलता है.
गोरखपुर में लोग मच्छरदानी लगाकर सड़क पर सो रहे
केजरीवाल ने देश के अलग-अलग राज्यों की जमीनी हकीकत बताते हुए कहा कि संकट सिर्फ महंगाई का नहीं, बल्कि भारी किल्लत का भी है. गुजरात के पेट्रोल पंपों पर ट्रैक्टरों की लंबी-लंबी कतारें लगी हैं और डीजल के लिए लोगों के बीच हाथापाई हो रही है. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में तो हालात इतने खराब हैं कि लोग रात को घरों की बजाय सड़क पर सो रहे हैं. वे अपना गैस सिलेंडर भरवाने के लिए मच्छरदानी लगाकर रात-रात भर लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हैं. इसके अलावा, महाराष्ट्र के अकोला और बुलढाणा में भी तेल के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है.
आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि देश के लोग बस इतना जानना चाहते हैं कि आखिर आने वाले दिनों में क्या होने वाला है और स्थिति कितनी खराब होगी? लेकिन सरकार आंखें मूंदकर बैठी है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता परेशान है, तो रूस और ईरान से सस्ता तेल लेने में क्या बुराई है. आखिर सरकार किसके दबाव में इसे लेने से मना कर रही है?
केजरीवाल ने जनता से कहा, 'यह देश हमारा है, इन नेताओं या किसी पार्टी का नहीं. हम 140 करोड़ लोग हैं. सब मिलकर आवाज उठाएंगे, तो सरकार को हमारी बात हर हाल में सुननी पड़ेगी.' उन्होंने लोगों से कमेंट बॉक्स में राय देने की दोबारा अपील की, ताकि सरकार पर दबाव बने.