दिवाली बीतते ही सर्दी ने दस्तक देना शुरू कर दी है. सर्दी की शुरुआत के साथ ही दिल्ली में प्रदूषण की भी शुरुआत हो जाती है. ऐसे में AQI के पूर्वानुमान पर वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गुफरानबेग ने कहा है कि 1 नवंबर को, AQI और भी खराब हो सकता है और गंभीर के निचले सिरे को छू सकता है. साथ ही पूर्वानुमान है कि दिल्ली के लिए 2 नवंबर को हवाएं राहत ला सकती हैं.
मंगलवार यानी 1 नवंबर को हवा की क्वालिटी खराब करने में पराली का योगदान भी बढ़ सकता है. पूर्वानुमान है कि खराब हवा में पराली का 30% से ज्यादा योगदान हो सकता है. हालांकि 2 नवंबर की शाम को राहत मिलने की उम्मीद है. बता दें कि दिल्ली में 2 नवंबर को स्थानीय हवाओं के फैलाव में वृद्धि होगी और हवाओं के पश्चिम, उत्तर की ओर आने की वजह से हवा की गुणवत्ता में सुधार महसूस किया जा सकेगा.
रविवार को मिली राहत
बता दें कि बीती शाम यानी रविवार को दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक में थोड़ा देखा गया था. राजधानी में जिन 52 स्टेशनों का डाटा उपलब्ध था उनमें से 5 स्टेशन गंभीर श्रेणी में थे, और 42 बहुत खराब श्रेणी में थे. शेष पांच खराब श्रेणी में दर्ज किए गए थे.
गौरतलब है कि आमतौर पर राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ने की दो वजहें होती हैं. पहली- पराली जलाने की घटनाओं का बढ़ना और दूसरा गाड़ियों से निकलने वाला धुंआ. इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट (IARI) के मुताबिक, रविवार को पंजाब में पराली जलाने की 1,761 घटनाएं हुईं. वहीं, शनिवार को 1,898 और शुक्रवार को 2,067 घटनाएं हुई थीं.
पंजाब के अलावा रविवार को हरियाणा में 112 और उत्तर प्रदेश में 43 मामले सामने आए. कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने गुरुवार को कहना था कि पंजाब में पराली जलाने की बढ़ती घटनाएं 'गंभीर चिंता का विषय' है. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, रविवार को दिल्ली के PM2.5 में पराली जलाने की हिस्सेदारी 26% हो गई, जो इस साल अब तक सबसे ज्यादा है.