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सीएम केजरीवाल के खिलाफ चार्जशीट को AAP ने बताया PMO की साजिश

मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के बाद केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच की जंग फिर से ताजा हो गई है. पार्टी इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी को निशाने पर ले रही है. 

AAP नेता सौरभ भारद्वाज AAP नेता सौरभ भारद्वाज

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर में मुख्य सचिव से मारपीट के आरोप पर दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है. इसमें सीएम केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के अलावा 11 विधायकों के नाम भी शामिल है. आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि केंद्र के इशारे पर मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को झूठे केस में फ़साने का साजिश रची है.

पार्टी प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने एक बयान जारी करते हुए आरोप लगाया कि लंबे समय से बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से जुड़े रहे मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को दिल्ली की चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की योजना के साथ दिल्ली में तैनात किया गया था. अंशु प्रकाश द्वारा बनाई ढीली-ढाली कहानी सिर्फ और सिर्फ राजनीति से प्रेरित, विरोधाभासी बयान और अप्राकृतिक आचरण की एक गठरी मात्र है.

सौरभ भारद्वाज के मुख्य सचिव से कई सवाल पूछे हैं और उनपर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं. उन्होंने पूछा है कि 11 लोगों द्वारा योजना बनाकर पीटा जाने के बाद मुख्य सचिव अंशु प्रकाश CCTV कैमरे में बड़े आराम से टहलते हुए मुख्यमंत्री आवास से बाहर जाते हुए नज़र आ रहे हैं. क्या ऐसा संभव है?

आम आदमी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बदनाम करने और आम आदमी पार्टी सरकार को अस्थिर करने की ये साजिश 19 फरवरी 2018 की रात को उपराज्यपाल साहब के घर में मुख्य सचिव अंशु प्रकाश, एलजी अनिल बैजल और वरिष्ठ पुलिस अफ़सर की मौजूदगी में PMO के इशारे पर रची गई है.

पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस मामले में दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है.

क्या था मामला?

बताते चलें कि मुख्य सचिव अंशु प्रकाश 19 फरवरी की देर रात एक बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री आवास पर गए थे. आरोप है कि केजरीवाल के सामने AAP विधायकों ने उनके साथ मारपीट की थी.

सीएम केजरीवाल के घर पर हुए हंगामे के दौरान वहां मौजूद रहे पूर्व विधायक संजीव झा ने मुख्य सचिव के आरोपों को गलत बताया था. उनका कहना था कि महज 3 मिनट में उनके साथ मारपीट कैसे हो सकती है. उन्होंने कहा कि राशन के मसले पर चर्चा शुरू हुई थी, लेकिन बातचीत सुनने की बजाए चीफ सेक्रेटरी ने कहा कि वह उनके प्रति जवाबदेह नहीं हैं.

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