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चुनाव से पहले नक्सलियों के निशाने पर छत्तीसगढ़, 3 दिन में किए दो बड़े हमले

पहले चरण की वोटिंग से कुछ दिन पहले ही नक्सलियों ने हमलों में तेजी की है. तीन दिन के अंदर ही नक्सलियों की तरफ से दो बड़े हमले किए गए हैं.

छत्तीसगढ़ में नक्सली हमला (फाइल फोटो, इंडिया टुडे आकाईव) छत्तीसगढ़ में नक्सली हमला (फाइल फोटो, इंडिया टुडे आकाईव)

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण की वोटिंग से पहले दो नक्सली हमलों से राज्य में खौफ का माहौल है. नक्सलियों ने तीन दिन के भीतर 2 बार बड़े हमले किए. पहले 27 अक्टूबर को बीजापुर में हमला किया गया और आज दंतेवाड़ा में दूरदर्शन की टीम को निशाना बनाया गया.

आपको बता दें कि 12 नवंबर को छत्तीसगढ़ में 18 सीटों पर मतदान होना है, ये सभी वही सीटें हैं जहां पर नक्सलियों का प्रभाव रहता है. यही कारण है कि इन इलाकों में सुरक्षा को काफी पुख्ता किया गया है. इसके बावजूद नक्सली अपनी करतूत से बाज नहीं आ रहे हैं.

नक्सली हमेशा से ही लोकतांत्रिक चुनावों का विरोध करते हैं और अब यही कारण है कि वह लोगों को वोट डालने से रोकने के लिए इस प्रकार का हथकंडा अपना रहे हैं.

दूरदर्शन की टीम पर हुआ हमला

मंगलवार को जिस दूरदर्शन की टीम पर हमला किया गया, वह भी छत्तीसगढ़ में चुनाव कवर करने के लिए ही गई थी. दंतेवाड़ा का ये वो नक्सली इलाका था, जहां पर नक्सल प्रभावित होने के बावजूद वोट डाले जा रहे थे. इस हमले में दूरदर्शन के एक कैमरामैन की मौत हुई और 2 जवान शहीद भी हुए.

बीजापुर में शहीद हुए थे चार जवान

वहीं तीन दिन पहले ही 27 अक्टूबर को नक्सलियों ने बीजापुर में CRPF के जवानों को निशाना बनाया था. इस हमले में 4 जवान शहीद हुए थे. ये सभी गश्त पर थे, तभी नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया था.

12 नवंबर को कहां डाले जाएंगे वोट

12 तारीख को बीजापुर, चित्रकोट, दंतेवाड़ा, बस्तर, जगदलपुर, नारायणपुर, केशकाल, कोंडागांव और अंतागढ़ जैसे इलाकों की कुल 18 विधानसभाओं में वोट डाले जाने हैं.

छत्तीसगढ़ के बारे में...

आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं. राज्य में अभी कुल 11 लोकसभा और 5 राज्यसभा की सीटें हैं. छत्तीसगढ़ में कुल 27 जिले हैं. राज्य में कुल 51 सीटें सामान्य, 10 सीटें एससी और 29 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं.

2013 चुनाव में क्या थे नतीजे...

2013 में विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 दिसंबर को घोषित किए गए थे. इनमें भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में लगातार तीसरी बार कांग्रेस को मात देकर सरकार बनाई थी. रमन सिंह की अगुवाई में बीजेपी को 2013 में कुल 49 विधानसभा सीटों पर जीत मिली थी. जबकि कांग्रेस सिर्फ 39 सीटें ही जीत पाई थी. जबकि 2 सीटें अन्य के नाम गई थीं.

2008 के मुकाबले बीजेपी को तीन सीटें कम मिली थीं, इसके बावजूद उन्होंने पूर्ण बहुमत से अपनी सरकार बनाई. रमन सिंह 2003 से राज्य के मुख्यमंत्री हैं.

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