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बुर्का पहनने वालों को ज्वेलरी शॉप में नहीं मिलेगी एंट्री... छत्तीसगढ़ के सराफा व्यापारियों का फैसला

छत्तीसगढ़ में हालिया लूट की घटनाओं के बाद सराफा व्यापारियों ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है. छत्तीसगढ़ प्रदेश सराफा एसोसिएशन ने तय किया है कि अब कोई भी व्यक्ति बुर्का, नकाब, हेलमेट या चेहरा ढंकने वाली किसी वस्तु को पहनकर सराफा दुकानों में एंट्री नहीं कर सकेगा. यह फैसला व्यापारियों और ग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा.

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छत्तीसगढ़ प्रदेश सराफा एसोसिएशन ने लिया फैसला. (Photo: ITG)
छत्तीसगढ़ प्रदेश सराफा एसोसिएशन ने लिया फैसला. (Photo: ITG)

छत्तीसगढ़ में सराफा कारोबार से जुड़ा बड़ा फैसला सामने आया है. हालिया लूट की घटनाओं के बाद प्रदेश के सराफा व्यापारियों ने सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है. छत्तीसगढ़ प्रदेश सराफा एसोसिएशन ने तय किया है कि अब कोई भी व्यक्ति बुर्का, नकाब, हेलमेट, मास्क या चेहरा ढंकने वाली किसी भी वस्तु को पहनकर सोना-चांदी की खरीदारी नहीं कर सकेगा. यह फैसला पूरे प्रदेश की सराफा दुकानों पर लागू होगा.

यह निर्णय नवापारा-राजिम में हाल ही में हुई सनसनीखेज लूट की घटना के बाद लिया गया है, जिसने प्रदेशभर के सराफा व्यापारियों में डर और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी थी. व्यापारियों का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में हुई ज्यादातर लूट और चोरी की घटनाओं में अपराधी चेहरा ढंककर दुकानों में दाखिल हुए, जिससे बाद में उनकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया.

यहां देखें Video

इस मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश सराफा एसोसिएशन की एक इमरजेंसी हाई-प्रोफाइल बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई. बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने की, जिसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से जुड़े पदाधिकारी और सराफा व्यापारी शामिल हुए. लंबी चर्चा और विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि सुरक्षा कारणों से अब चेहरा ढंककर आने वाले ग्राहकों को सराफा दुकानों में घुसने नहीं दिया जाएगा.

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प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने कहा कि यह निर्णय किसी भी धर्म, समुदाय या वर्ग को निशाना बनाकर नहीं लिया गया है. इसका उद्देश्य केवल व्यापारियों और ग्राहकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों में स्पष्ट पहचान होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.

बैठक में व्यापारियों ने यह भी कहा कि पहले हुई कई वारदातों में आरोपी बुर्का, नकाब या हेलमेट पहनकर आए थे. इससे सीसीटीवी फुटेज से भी पहचान नहीं हो सकी, पुलिस जांच में भी देरी हुई. इसी के आधार पर अब पूरे प्रदेश में एक समान नियम लागू करने का फैसला लिया गया है.

सराफा एसोसिएशन ने यह भी तय किया है कि दुकानों में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे. हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम और अन्य आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाने पर जोर दिया जा रहा है. इसके साथ ही खरीदारी के दौरान पैन कार्ड, आधार कार्ड को अनिवार्य करने की दिशा में भी विचार किया जा रहा है.

कमल सोनी ने बताया कि इस फैसले को लेकर पुलिस प्रशासन का भी सहयोग मिल रहा है. कई बार पुलिस और प्रशासन की ओर से ही व्यापारियों को सुरक्षा मजबूत करने की सलाह दी गई है. सराफा एसोसिएशन ने सरकार और पुलिस से यह भी मांग की है कि नवापारा लूटकांड के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और व्यापारियों को पर्याप्त सुरक्षा दी जाए. सराफा व्यापारियों का कहना है कि सुरक्षा होगी, तभी व्यापार होगा. एसोसिएशन का मानना है कि यह फैसला भले ही सख्त लगे, लेकिन मौजूदा हालात में यह बेहद जरूरी है.

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