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छत्तीसगढ़ सरकार का किसानों को झटका, ₹1835 प्रति क्विंटल की दर से खरीदेंगे धान

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार के बार-बार अनुरोध के बावजूद केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के धान को 2500 रुपये प्रति क्विंटल राशि दिए जाने पर राज्य सरकार को सहयोग नहीं कर रही है.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (फाइल फोटो-IANS) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (फाइल फोटो-IANS)

  • छत्तीसगढ़ सरकार किसानों से 1,835 रुपये प्रति क्विंटल खरीदेगी धान
  • घोषणापत्र में 2500 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदने का किया था वादा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साफ कर दिया है कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों से 1815 रुपये और 1835 रुपये प्रति क्विंटल की दर से ही धान खरीदेगी. भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) ने इसे किसानों के साथ धोखा बताया है.

दरअसल, पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में किसानों से 2500 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदने का वादा किया था.

सोमवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार अब किसानों से संग्रहण केंद्रों पर निर्धारित समर्थन मूल्य कॉमन धान के लिए 1,815 रुपये और ग्रेड-ए धान 1,835 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी करेगी.

हालांकि किसानों से 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने का वादा किया गया था उसका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा. धान खरीदी की दर और वादा की गई दर के अंतर की राशि किसानों को कैसे देनी है इसके लिए मंत्रिमंडल उपसमिति बनाई गई है, जिसके सुझाव के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार के बार-बार अनुरोध के बावजूद केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के धान को 2500 रूपए प्रति क्विंटल राशि दिए जाने पर राज्य सरकार को सहयोग नहीं कर रही है.

इसलिए केंद्र सरकार की ज़िद के मुताबिक 1815 और 1835 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदेंगे और 2500 रुपये की राशि का अंतर किसानों को कैसे दिया जाए इसके लिये एक समिति गठित की गई है जिसमें कृषिमंत्री, वन मंत्री, खाद्य मंत्री, सहकारिता मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री शामिल हैं.

बीजेपी ने बताया वादाखिलाफी

भूपेश सरकार के फैसले को बीजेपी ने किसानों के साथ वादाखिलाफी बताया है. पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार किसानों से किए गए वादे की असफलता को उपसमिति की आड़ में छिपा रही है.

उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि 'कमेटी के कांधों पर अपने वादे कब तक लादोगे? हर मोड़ पर जनता पूछेगी कितनी दूर तलक भागोगे? CM भूपेश बघेल जी झूठे वादों और खोखली कमेटियों का क्या निष्कर्ष निकलता है वह तो जनता शराबबंदी के वादे पर भी देख चुकी है, अब किसानों के साथ पुनः यही विश्वासघात स्वीकार्य नहीं है'.

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