छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां महज एक हजार रुपए के विवाद ने एक बुजुर्ग की जान ले ली. कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम देवसराकला में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है. गांव के रहने वाले धारी उरांव ने अपना भैंसा बेचने की इच्छा जताई थी. बताया जा रहा है कि भैंसे की कीमत 16 हजार 500 रुपए तय थी, लेकिन गांव के ही संजीत उरांव उर्फ संजीत भगत ने उसे 15 हजार 500 रुपए में बिकवा दिया. इसी एक हजार रुपए के अंतर को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था.
परिजनों के अनुसार धारी उरांव अक्सर शराब के नशे में संजीत भगत पर पैसे रख लेने का आरोप लगाते थे. 6 फरवरी की रात करीब 8 बजे यह विवाद एक बार फिर उभर आया. उस समय संजीत अपने घर के बाहर बैठकर खाना खा रहा था, तभी धारी वहां पहुंचा और पैसों को लेकर तकरार शुरू हो गई. देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर संजीत ने हाथ में रखी थाली से धारी पर हमला कर दिया.
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
इतना ही नहीं, उसने धक्का देकर बुजुर्ग को जमीन पर पटक दिया और बेरहमी से पिटाई कर दी. इस हमले में धारी उरांव गंभीर रूप से घायल हो गए. घायल अवस्था में उन्हें इलाज के लिए रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद 21 फरवरी को उन्होंने दम तोड़ दिया.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि उनकी मौत मारपीट से आई गंभीर चोटों के कारण हुई. इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. वहीं इस घटना ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं.