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भारत में प्रवेश करते हुए उज्बेकिस्तान की 2 लड़कियां गिरफ्तार, क्या था प्लान?

भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो उज्बेक लड़कियों के अलावा दो दलालों को अरेस्ट किया है. पूछताछ में पता चला है कि दोनों महिलाओं को सेक्स रैकेट के धंधे में धकेलने की योजना थी.

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भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी का एक्शन
भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी का एक्शन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भारत-नेपाल सीमा पर दो उज्बेक लड़कियों गिरफ्तार
  • एसएसबी ने दो दलालों को भी दबोचा, कड़ी पूछताछ

भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बिहार के सुपौल जिले से बड़ी खबर सामने आई है. सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने सीमावर्ती इलाके से भारत में प्रवेश कर रहीं दो उज्बेक लड़कियों के अलावा दो दलालों को गिरफ्तार किया है. एसएसबी ने दोनों लड़कियों और दलालों से जब पूछताछ की, तो उनके पास वैध वीजा नहीं था. इसके बाद शक होने पर एसएसबी ने सभी को गिरफ्तार कर लिया.

एसएसबी सभी को अपने पोस्ट पर लाकर पूछताछ कर रही है. एसएसबी की 45वीं वाहिनी सीमा चौकी भीमनगर पर एसएसबी ने ये कार्रवाई की. एसएसबी के सेकेंड कमांड अधिकारी और प्रभारी कमांडेट आलोक कुमार ने बताया कि उन्हें विदेशी नागरिकों के घुसपैठ की सूचना मिली थी. एसएसबी ने चेक पोस्ट पर चौकसी बढ़ा दी और अपने सभी पोस्ट को अलर्ट कर दिया. उसके बाद भारत आने वाले सभी नागरिकों की जांच होने लगी.

एसएसबी ने इस दौरान देखा कि दो लोग दो बाइक रॉयल इंफील्ड (बिना नंबर की) और दूसरा अपाची- BR-50-K-4439  के साथ, दो महिलाएं नेपाल प्रभाग से चेक पोस्ट के रास्ते भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर रही हैं. संदेह के आधार पर उनको रोककर उनसे पूछताछ कर उनके दस्तावेजों को गहन रूप से जांच की जाने लगी. इसके बाद पता चला कि दोनों उज्बेकिस्तान की निवासी हैं. उन्हें दलाल लेकर भारत में प्रवेश कर रहे थे.

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एसएसबी की जांच में पाया गया कि दोनों महिलाओं के पास नेपाल का वीजा था. लेकिन उनके पास भारत में प्रवेश करने का कोई भी वैध दस्तावेज नहीं था. जानकारी के मुताबिक दोनों महिलाएं सारजा के रास्ते 10 अप्रैल को नेपाल में प्रवेश की थीं और मानव तस्करों के साथ भारत में एंट्री की प्लानिंग थी. दोनों महिलाओं को सेक्स रैकेट के धंधे में धकेलने की योजना थी. गिरफ्तार दोनों दलालों की पहचान सतीश कुमार आज़ाद (रतनपुरा, सुपौल) और सुनील कुमार मेहता (रतनपुरा, सुपौल) के निवासी के रूप में की गई है. आपको बता दें कि 2021 में भी उज्बेकिस्तान की एक लड़की दलाल के साथ गिरफ्तार हुई थी, जो अब भी सुपौल जेल में बंद है.

 

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