बिहार की राजधानी पटना में में मरने वालों की तादाद 33 तक पहुंच गई है. राज्य के गृह सचिव आमिर सुभानी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से घटना पर रिपोर्ट मांगी है. बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों को 3-3 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार जबकि घायलों को 20-20 हजार रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. मोदी ने ट्वीट किया है...
The stampede in Patna is deeply saddening. I spoke to the Bihar CM about the situation.
— Narendra Modi (@narendramodi)
My condolences to the families of those who lost their lives and prayers with the injured.
— Narendra Modi (@narendramodi)
पटना में हेल्पलाइन नंबर है 0612-2219810
घटना एक्जीबिशन रोड इलाके में रामगुलाम चौक के पास उस वक्त हुई जब अफवाह की वजह से भगदड़ मच गई. घायलों को पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है. पटना के डीएम मनीष वर्मा ने बताया कि हादसे में मरने वालों में अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं. डीएम का कहना है कि हादसे की वजह की जांच की जा रही है. हेल्पलाइन नंबर है 0612-2219810 
पुलिस के मुताबिक लोग गांधी मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम से लौट रहे थे. वहीं, मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के लिए भी इसी रास्ते पर सैंकड़ों की तादाद में लोग मौजूद थे. बताया जा रहा है कि इस दौरान किसी ने बिजली का तार गिरने की अफवाह फैला दी.
चश्मदीदों के मुताबिक जिस वक्त भगदड़ मची उस वक्त गांधी मैदान का सिर्फ एक गेट ही खुला था और एक्जीबिशन रोड पर काफी भीड़ थी. हादसे के बाद कई लोग लापता हैं जिनके परिजन तलाश कर रहे हैं. चश्मदीदों का कहना है कि जिस वक्त घटना हुई, उस वक्त मौके पर रोशनी न के बराबर थी. घटनास्थल के पास अब भी लोगों के चप्पल जूते बिखरे पड़े हैं. घटना से गुस्साए लोगों ने अस्पताल के बाहर नारेबाजी की है.
हादसे पर सियासत
हादसे के बाद सियासत भी शुरू हो गई है. बीजेपी सांसद रामकृपाल यादव ने राज्य की जेडी(यू) नीत सरकार पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. बीजेपी नेता सीपी ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन भीड़ की तुलना में इंतजाम करने में विफल रहे हैं. पूर्व सीएम लालू यादव ने कहा है कि भगदड़ प्रशासनिक चूक का मामला है. केंद्रीय मंत्रियों रविशंकर प्रसाद और रामविलास पासवान ने हादसे के लिए बिहार सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व की घटनाओं से सबक सीखने और हादसे को टालने के उपाय करने में नाकाम रही. प्रसाद ने ट्वीट किया
I am going to Patna tomorrow to oversee the relief & assistance efforts to the affected people in Patna Stampede.
— Ravi Shankar Prasad (@rsprasad)

पटना में शुक्रवार सुबह ही एक सड़क हादसा हुआ था जब फुलवारीशरीफ में एक कार ने आठ लोगों को रौंद दिया. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई. गौरतलब है कि साल 2012 में छठ पर्व के दौरान भी पटना के गंगा घाट पर भगदड़ मच गई थी जिसमें कई लोग मारे गए थे.