scorecardresearch
 

नोटबंदी को लेकर लालू ने साधा PM पर निशाना, कहा- मोदी की मंशा पर देश को शंका

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि वो भी काले धन के खिलाफ हैं, पर पीएम के इस फैसले में दूरदर्शिता और क्रियान्वयन का पूरा अभाव है. लालू ने पीएम मोदी को सलाह देते हुए लिखा कि आम आदमी की सहूलियत का ख्याल रखना चाहिए.

Advertisement
X
लालू प्रसाद यादव
लालू प्रसाद यादव

नोटबंदी के पांच दिन बाद आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है. लालू ने ट्विटर पर पीएम को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पीएम के इस फैसले से उनका मंशा पर देश को संदेह है.

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि वो भी काले धन के खिलाफ हैं, पर पीएम के इस फैसले में दूरदर्शिता और क्रियान्वयन का पूरा अभाव है. लालू ने पीएम मोदी को सलाह देते हुए लिखा कि आम आदमी की सहूलियत का ख्याल रखना चाहिए.

लालू ने पीएम मोदी को चुनावे वादे याद दिलाते हुए लिखा, 'मोदी जी आप 50 दिनों की सीमित असुविधा की बात कर रहे हैं, तो क्या समझा जाए कि आपके वादानुसार 50 दिनों बाद सबके खाते में 15-15 लाख आ जाएंगे?' आरजेडी सुप्रीमो ने पीएम मोदी से कहा कि देश को भरोसा दीजिए कि जनता को 2 महीने के बाद असुविधा देने और काले धन की उगाही के बाद सबके खाते में 15 लाख रुपये आएंगे. लालू ने पीएम मोदी पर वार करते हुए कहा कि अगर ये सब करने के बाद भी लोगों को 15 लाख नहीं मिले, तो इसका मतलब होगा कि यह 'फर्जिकल स्ट्राइक' था. इसके साथ ही आम जनता का 'फेक एनकाउंटर' भी.

Advertisement

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने पीएम मोदी से ये जानना चाहा कि क्या सरकार 50 दिन के बाद आंकड़े सार्वजनिक करेगी कि खातों में पैसे होने के बाबजूद कितने लोग खाने व इलाज के अभाव और सदमें में मारे गए? लालू ने दूसरा ट्वीट किया और पूछा, 'मोदी बताएं कि अगर भ्रष्टाचार और काला धन खत्म करना चाहते हैं तो 2000 रुपये का नोट क्यों बनाया? आपकी इस मंशा पर देश को शंका है.'

लालू प्रसाद ने पीएम मोदी ये भी जानने की कोशिश की है कि लोगों की लंबी लाइनों में खड़े रहने की वजह से देश को कितने अरब मैन आवर और प्रोडक्शन का नुकसान हुआ. आखिर में उन्होंने अपने एक पुराने ट्वीट को दुहराते हुए कहा कि देश में इमरजेंसी जैसे हालात हैं. मोदी जी कौन सा लोकतंत्र गढ़ रहे हो? लोकलाज से लोकराज नहीं चलता है. लोकतंत्र में लोकशर्म को दरकिनार नहीं कर सकते.

Advertisement
Advertisement