राजधानी पटना के आर ब्लॉक-दीघा रेल लाइन की 71 एकड़ जमीन सड़क निर्माण के लिए रेलवे ने बिहार सरकार को सौंप दिया है. अब इस पर बिहार सरकार 6 लेन की सड़क निर्माण करवा सकती है.
ईस्ट सेंट्रल रेलवे के सीपीआरो राजेश कुमार ने बताया कि कुछ कानूनी प्रक्रियाओं के बाद रेलवे की यह जमीन बिहार सरकार की हो जाएगी. रेलवे ने यह जमीन ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल के लिए ही दी है. इस रेल ट्रैक पर सड़क बनने से पटना को ट्रैफिक जाम की समस्याओं से निजात मिल सकेगी.
दरअसल, रेलवे और राज्य सरकार के बीच जमीन की कीमतों को लेकर सहमति न बनने की वजह से काम आगे नहीं बढ़ रहा था. पटना हाईकोर्ट की कमेटी द्वारा इस जमीन की वैल्यू 222 करोड़ रुपए तय की गई थी. उसी आधार पर रेलवे मंत्रालय ने यह फैसला किया है.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी रेलवे के इस जमीन के हस्तांतरण के लिए 2006 से ही प्रयास कर रहे थे. लेकिन तब रेल मंत्री लालू यादव थे. उसके बाद यूपीए 2 में कई रेलमंत्री हुए लेकिन बात नहीं बनी.
बता दें कि पटना-दीघा के बीच चलने वाली रेल लाइन भारतीय रेल की सबसे ज्यादा घाटा देने वाली रेल लाइनों में से एक है. इसे तत्कालीन रेल मंत्री लालू यादव ने 2004 में शुरू किया था. रेलवे इस ट्रैक पर एक ट्रेन चलाता था जिस पर प्रतिदिन का खर्चा 50 हजार रुपए के लगभग होता था वहीं कमाई 500 रुपए तक ही हो पाती थी.
उपमुख्यमंत्री मोदी ने जताया अभार
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आर ब्लॉक-दीघा रेललाइन की 71 एकड़ जमीन संशोधित दर पर बिहार सरकार को सड़क निर्माण के लिए सौंपने की अनुमति देने पर रेल मंत्री पीयूष गोयल का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने में दूसरी बार बुधवार को रेल मंत्री से मुलाकात कर यह जमीन बिहार सरकार को सौंपने का आग्रह किया था.